रक्षा

भारत-अमेरिका के बीच हुआ ऐतिहासिक बेका समझौता, चीन-पाक की बढ़ेंगी मुश्किलें

BECA समझौते का सीधा संबंध देश की सामरिक शक्ति से जुड़ा है। इस समझौते के बाद देश अमेरिका की क्रूज मिसाइलों-बैलिस्टिक मिसाइलों की तकनीक हासिल कर सकेगा।

डिफेंस एक्सपो 2020 : रक्षा क्षेत्र में नए भारत के सामर्थ्य और समृद्धि का प्रतीक

करीब ढाई वर्षों में ही अनेक विश्व स्तरीय आयोजनों में योगी सरकार ने अपना कौशल प्रमाणित किया है। इस सूची में डिफेंस एक्सपो भी शामिल हुआ। जिस प्रकार पिछले प्रयागराज कुम्भ में सर्वाधिक श्रद्धालु आये थे, उसी प्रकार यह अब तक का सबसे बड़ा डिफेंस एक्सपो था। शामिल होने वाले प्रतिनिधियों, प्रदर्शनी,सेमिनार,समझौते आदि की दृष्टि से यह अभूतपूर्व था। इसी के

डिफेंस एक्सपो 2020 : भारत को रक्षा उपकरणों का ‘मैन्युफैक्चरिंग हब’ बनाने की पहल

सामरिक क्षेत्र में भारत की भागीदरी पिछले करीब पांच-छः वर्षों में बढ़ी है। अब कोई भी देश भारत को नजरअंदाज करने की स्थिति में नहीं है। भले भारत अभी संयुक्त राष्ट्र संघ की सुरक्षा परिषद का स्थायी सदस्य नहीं है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय मसलों पर उंसकी भूमिका महत्वपूर्ण रहती है। नरेंद्र मोदी सरकार ने इस क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है।

लखनऊ में होने जा रहा डिफेन्स एक्सपो 2020, भारत को रक्षा विनिर्माण हब बनाने की कवायद

अगले महीने स्वतंत्र भारत के रक्षा क्षेत्र में एक नया अध्याय जुड़ेगा। पांच फरवरी से नौ फरवरी तक लखनऊ में अभूतपूर्व डिफेंस एक्सपो का आयोजन किया जाएगा। यह आयोजन मेक इन इंडिया अभियान को आगे बढ़ाने में सहायक होगा। योगी आदित्यनाथ सरकार ने दो वर्ष पहले इन्वेस्टर्स समिट का अभूपपूर्व आयोजन किया था। इतना ही नहीं प्रयागराज कुम्भ, प्रवासी सम्मेलन भी

अंतरिक्ष और रक्षा के क्षेत्र में सफलता के नए आयाम गढ़ता भारत

नया साल देश के लिए अंतरिक्ष के क्षेत्र में सफलता और उपलब्धियां लेकर आया है। अपने सफल प्रक्षेपणों के लिए ख्‍यात भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन यानी इसरो ने फिर एक उपग्रह का सफल प्रक्षेपण कर दिखाया है। यह उपग्रह कार्टोसेट टू सीरीज का था, जिसे पीएसएलवी के माध्‍यम से लॉन्‍च किया गया। यह तो उपलब्धि है ही, लेकिन इससे बड़ी और अहम उपलब्धि ये रही कि इस प्रक्षेपण के साथ ही इसरो द्वारा प्रक्षेपित