कनिष्का तिवारी

कश्मीर में उखड़ने लगे अलगाववादियों के पाँव

जम्मू-कश्मीर की कहानी किसी से छुपी नहीं है, मगर बदलते दौर में सुधार की गुंजाईश भी इस राज्य में बढ़ी है, जिसकी बानगी हमे अलगाववादी खेमों के घटते जनसमर्थन के रूप में देखने को मिल रही है। हाल ही में अलगाववादियों ने अपना हड़ताली कैलेंडर जारी किया जिसमे उन्होंने २६ जनवरी को कश्मीर में यौम-ए-स्याह के तहत सिविल कर्फ्यू लागू करने की बात की, जिससे गणतंत्र दिवस को काले दिन के

भाजपा की विकासवादी राजनीति के आगे पस्त पड़ती विपक्ष की नकारात्मक राजनीति

राहुल गाँधी समेत कई अन्य विपक्षी नेताओ ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर रिश्वत लेने जैसा गंभीर आरोप लगाते हुए कुछ दस्तावेज कथित तौर पर सुबूत के रूप में पेश किये थे, जिस आधार पर वकील प्रशांत भूषण ने एसआईटी जाँच के लिए सर्वोच्च न्यायालय में याचिका डाल दी, जिसे न्यायालय ने खारिज़ कर दिया है। न्यायालय द्वारा प्रशांत भूषण की याचिका पर सुनवाई से इनकार के बाद विपक्ष को एक और बड़ा झटका

भीम एप : नक़दी रहित अर्थव्यवस्था को मिलेगा बढ़ावा, भ्रष्टाचार पर लगेगी लगाम

नये साल के तोहफे के रूप में मोदी सरकार ने भारत की जनता को एक ऐसा माध्यम दिया है, जिसके इस्तेमाल से न केवल नोट की समस्या का समाधान होगा बल्कि बैंक की कतार या बैंक जाने से ही राहत मिल सकती है । जाहिर है कि 8 नवंबर को मोदी सरकार ने नोटबंदी जैसा साहसिक कदम उठाया उसके बाद से ही विपक्ष ने सरकार के इस एतिहासिक फैसले को खोखला तथा विफल बताने की बेजा कोशिश में

जीएसटी : आम आदमी और अर्थव्यवस्था दोनों के अच्छे दिन लाने वाला कदम

तमाम सियासी दाँव-पेंचों के बावजूद 3 अगस्त, 2016 को राज्यसभा में वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) विधेयक पारित हुआ, जिसके साथ ही देश में लंबे समय तक उलझा हुआ एक महत्वपूर्ण निर्णय अपने मुकाम पर पहुँचा, जिसका श्रेय निश्चित तौर पर मोदी सरकार को जाता है। सरकार की सक्रियता ही इस आवश्यक आर्थिक सुधार के ऐतिहासिक कदम को उठाने के लिए जिम्मेदार है। विपक्ष द्वारा लगातार रुकावटें उत्पन्न

नोटबंदी : आम जन कर रहे सरकार का समर्थन, काला धन धारकों में मचा हड़कंप

आठ नवंबर की शाम को प्रधानमंत्री मोदी के राष्ट्र के नाम संबोधन में नोटबंदी के ऐतिहासिक फैसले के ऐलान से देश भर में हलचल मच गयी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जब देश भर में 500 और 1000 के नोटों पर प्रतिबंध की घोषणा की तो काले धन की फसल उगाकर रखने वालो पर जैसे ओलों की बरसात हो गयी। जनता की खून-पसीनें की कमाई को अवैध और अनैतिक रूप से जमा करके बैठे ऐसे लोग अब मारे-मारे

आतंकवाद की कमर तोड़ने वाला है भाजपा सरकारों का रुख

देश में जहाँ हर तरफ दीपावली के त्योहार की रौनक है, वहीं दूसरी तरफ लगातार आतंकी मंसूबो को अंजाम देने की कोशिशें भी जारी है। देश में दहशत का माहौल फैलाने और खून की होली खेलने के इरादे से इन आतंवादियों ने कभी पाकिस्तान की ओट लेते हुए तो कभी खुलेआम अपने इरादों को जाहिर किया है। दीपावली की अगली ही सुबह को भोपाल सेंट्रल जेल से सिमी के आठ आतंकी जेल तोड़ कर और