सतीश सिंह

मूडीज रिपोर्ट : राजकोषीय घाटे को कम करने में कामयाब रहेगी मोदी सरकार

मूडीज इनवेस्टर्स सर्विस के अनुसार भारत चालू वित्त वर्ष में राजकोषीय घाटे को जीडीपी के 3.3 प्रतिशत पर रखने के लक्ष्य को हासिल कर लेगा। बजटीय लक्ष्य को पाने के लिए सरकार पूँजीगत खर्च में कटौती कर सकती है। सरकार द्वारा ऐसा पूर्व के वर्षों में किया भी गया है। चूँकि, सरकार ने कच्चे तेल के दाम में वृद्धि होने पर भी पेट्रोल एवं डीजल पर उत्पाद शुल्क में कटौती नहीं की

मोदी सरकार के आर्थिक सुधारों से बढ़ा कर संग्रह, विकास दर में हो रहा इजाफा !

निवेश एवं व्यय बढ़ाने की सरकारी कोशिशों की वजह से वित्त वर्ष 2017-18 की चौथी तिमाही में सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि दर पिछली सात तिमाहियों के सर्वाधिक स्तर 7.7 प्रतिशत पर पहुँच गई। उल्लेखनीय है कि वित्त वर्ष 2017-18 में आर्थिक वृद्धि दर मोदी सरकार के कार्यकाल के चार वर्षों में सबसे कम 6.7 प्रतिशत रही। हालाँकि, वित्त वर्ष 2017-18 की अंतिम तिमाही

आर्थिक मजबूती, पारदर्शी शासन और कल्याणकारी नीतियों के चार वर्ष!

विगत चार सालों में मोदी सरकार ने अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने के लिये अनेक कदम उठाये हैं। देखा जाये तो मोदी सरकार द्वारा किये गये विकासात्मक कार्यों की एक लंबी फेहरिस्त है। नवंबर, 2016 में विमुद्रीकरण करने का निर्णय लेना मोदी सरकार द्वारा उठाया गया एक साहसिक कदम था। इस निर्णय से नकसलवाद, आतंकवाद, कालेधन एवं कर चोरी पर रोक तो लगी ही,

भारत-रूस संबंधों से सिर्फ इन दोनों देशों को ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया को हो सकता है लाभ !

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गत दिनों संपन्न हुई ताजा अनौपचारिक रूस यात्रा को बेहद ही खास माना जा रहा है, क्योंकि दोनों नेताओं की यह मुलाकात निकट भविष्य में भारत-रूस द्विपक्षीय सहयोग की दशा व दिशा तय करेगी। हालांकि मोदी और रूसी राष्ट्रपति पुतिन की मुलाकातों का दौर इस पूरे साल चलने वाला है।

मोदी सरकार की नीतियों का असर, सात वर्षों के सबसे उच्च स्तर पर पहुँचा रोजगार सृजन !

सेवा क्षेत्र में सुधार का दौर जारी है। कारोबारी गतिविधियां में तेजी आने और रोजगार सृजन के उच्च स्तर पर बने रहने से अर्थव्यवस्था में बेहतरी दृष्टिगोचर हो रही है। ‘निक्केई इंडिया सर्विसेज बिजनेस एक्टिविटी इंडेक्स’ अप्रैल महीने में 51.4 पर पहुँच गया, जो मार्च महीने में 50.3 पर था। नये कारोबारी माँग में वृद्धि और मुद्रास्फीति दबाव कम होने से माँग में सुधार आया है

मोदी सरकार के इस क़ानून से ई-कॉमर्स के प्रति ग्राहकों में बढ़ेगा भरोसा !

निस्संदेह बीते सालों में ऑनलाइन खरीददारी की लोकप्रियता बढ़ी है, लेकिन इसके साथ ही इससे जुड़े खतरों में भी अभूतपूर्व इजाफा हुआ है। हाल के महीनों में ई-कॉमर्स कंपनियों द्वारा ग्राहकों को नकली या खराब उत्पादों की आपूर्ति करने की घटनाओं में तेजी से बढ़ोतरी हुई है। इसमें दो राय नहीं है कि आज देश के दूर-दराज इलाकों में ग्राहक ऑनलाइन खरीददारी कर रहे हैं। खरीदे गये उत्पाद के ठीक होने पर कोई समस्या

विश्व बैंक की रिपोर्ट में आया सामने, तेजी से डिजिटल हो रहा इंडिया !

विश्व बैंक ने 19 अप्रैल को जारी अपनी रिपोर्ट “ग्लोबल फिन्डेक्स” में भारत में वित्तीय समावेशन की दिशा में उठाये गये प्रयासों की सराहना की है। साथ ही, कहा कि भारत में डिजिटल लेनदेन में भी तेजी आ रही है। विश्व बैंक के अनुसार व्यापक पैमाने पर जनधन खाते खोलने और “आधार” को बैंक खाता खोलने की प्रक्रिया में शामिल करने से ग्रामीण क्षेत्रों के आर्थिक एवं सामाजिक जीवन पर सकारात्मक प्रभाव पड़ा है। इससे वित्तीय

मोदी सरकार के आर्थिक सुधारों का दिखने लगा असर, चीन से आगे बढ़ा भारत!

अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) के अनुसार भारत द्वारा किये जा रहे आर्थिक सुधारों का सकारात्मक परिणाम दिखने लगा है। आईएमएफ के उप प्रबंध निदेशक (प्रथम) डेविड लिप्टन के अनुसार वस्तु एवं सेवाकर (जीएसटी) को अमलीजामा पहनाने से प्रणाली को पारदर्शी और कर चोरी को रोकने में मदद मिलेगी। लिप्टन के मुताबिक, बैंकों की समस्याओं से निपटने के लिये उठाये गये कदम समीचीन एवं महत्वपूर्ण हैं।

कर चोरी पर लगाम लगाने में कारगर साबित होगा ई-वे बिल !

इलेक्ट्रॉनिक वे बिल (ई-वे बिल) व्यवस्था फिर से शुरू की गई है। इस बार इस व्यवस्था को पूरी तैयारी के साथ उतारा गया है। वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) की सफलता के लिये इस व्यवस्था का मजबूत होना जरूरी है। इस बार सरकार ने ई-वे बिल के कई नियमों को सरल बनाकर छोटे कारोबारियों को राहत देने की कोशिश की है। ई-वे बिल से छूट के दायरे को 10 किलोमीटर से बढ़ाकर 50 किलोमीटर किया गया है, जिसे छोटे

सेना ने लिया शहीद उमर फयाज की हत्या का बदला, ढेर हुए हत्यारे आतंकी !

जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग और शोपियां जिलों में सुरक्षा बलों, जिसमें सेना, सीआरपीएफ एवं स्थानीय पुलिस के जवान शामिल थे, की 3 कार्रवाइयों में 13 आतंकवादी मारे गए। 13 आतंकवादियों में से 11 की पहचान कर ली गई है। सभी स्थानीय हैं। वैसे, इस कार्रवाई में 3 जवान भी शहीद हुए और 4 नागरिकों को भी अपनी जान गंवानी पड़ी।