कोरोना

कोरोना संकट में आमजन और अर्थव्यवस्था दोनों को राहत देने में जुटी है सरकार

कोरोना काल में एमएसएमई, मजदूरों और किसानों को सबसे ज्यादा राहत देने की जरुरत है। इसी को दृष्टिगत करके सरकार ने एमएसएमई, मजदूरों और किसानों के लिये कुछ उपाय किये हैं।

संकटकाल में भी अपनी नकारात्मक राजनीति से बाज नहीं आ रहा विपक्ष

कांग्रेस के पूर्व अध्‍यक्ष राहुल गांधी जितनी तेजी से रोज केंद्र सरकार के खिलाफ श्रृंखलाबद्ध रूप से ट्वीट करते हैं, उतनी तेजी व गंभीरता उन्होंने कांग्रेस शासित राज्यों में बिगड़ते हालातों को सुधारने के लिए कभी नहीं दिखाई।

कोरोना की दूसरी लहर से अर्थव्यवस्था को बचाने के लिए रिज़र्व बैंक की कवायद

कोरोना महामारी से निपटने के लिये सरकार और रिजर्व बैंक ने कुछ उपाये किये हैं। आगे आवश्यकता को देखते हुए और उपाय भी किए जा सकते हैं।

भारतीय चेतना में निहित है पृथ्वी की रक्षा का वास्तविक मार्ग

भारत हाल ही में बीते पृथ्वी दिवस पर पूरी पृथ्वी की चिंता करने वाले जिम्मेदार भागीदार के रूप में प्रतिष्ठित हुआ है। इस देश ने त्याग और सेवा को सदैव प्रतिष्ठा दी है।

जब स्वामी विवेकानंद ने कहा था, “लोगों की मदद के लिए मठ की ज़मीन भी बेच देंगे”

जब स्वामी विवेकानंद के गुरुभाई ने उनसे पैसे के स्रोत के बारे में पूछा तो स्वामी जी ने कहा, “क्यों, यदि आवश्यक हो, तो हम नए खरीदे गए मठ मैदानों को बेच देंगे।”

विकास का वाहक बनता एमएसएमई क्षेत्र

एमएसएमई क्षेत्र में लगभग 11 करोड़ लोगों को रोजगार मिला हुआ है। अगर एक परिवार की संख्या 4 मानें तो ये 11 करोड़ लोग 33 करोड़ अन्य लोगों का जीवनयापन कर रहे हैं।

विरोधियों के लिए नामुमकिन है मोदी को समझना

उनका जितना विरोध होता है, जितना अपशब्दों का प्रयोग किया जाता है, उतना ही वह आगे बढ़ते जाते हैं। विपक्ष देखता रह जाता है, नरेंद्र मोदी आगे निकल जाते हैं।

बैड बैंक से होगा फंसे कर्ज का इलाज, मिलेगी बैंकिंग क्षेत्र को मजबूती

बैड बैंक में सरकार कोई निवेश नहीं करेगी और न ही इसमें सरकार की शेयरहोल्डिंग होगी। बैड बैंक बाजार भाव पर बैंकों से उनका डूबा कर्ज खरीदेगा, जिससे अधिक एनपीए वाले बैकों की बैलेंसशीट अच्छी हो जायेगी

आईएमएफ रिपोर्ट : 2021 में दुनिया में सबसे तेजी से बढ़ेगी भारतीय अर्थव्यवस्था

कोविड-19 महामारी के बीच बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में भारत एकमात्र ऐसा देश है, जिसकी आर्थिक विकास दर इस साल दहाई अंक में रहेगी।

विकास को और गति देने हेतु पूंजीगत खर्च बढ़ा रही है केंद्र सरकार

माह अप्रेल 2020 से नवम्बर 2020 को समाप्त अवधि में केंद्र सरकार का कुल व्यय  19,06,358 करोड़ रुपए रहा है जबकि वित्तीय वर्ष 2019-20 की इसी अवधि के दौरान यह 18,20,057 करोड़ रुपए रहा था।