निर्मला सीतारमण

रोजगार के नए अवसर सृजित करने में सहायक होगा बजट-2021

बजट में पूंजीगत ख़र्चों में 34.46 प्रतिशत की वृद्धि की गयी है। इसका सीधा परिणाम देश में रोजगार के नए अवसरों के सृजित होने के रूप में देखने को मिलेगा।

आर्थिक गतिविधियों को गति देने वाला बजट

बजट में आधारभूत संरचना खास करके ग्रामीण आधारभूत संरचना, ग्रामीण अर्थव्यवस्था, बैंकिंग क्षेत्र, एमएसएमई क्षेत्र आदि को मजबूत बनाने पर विशेष ज़ोर दिया गया है।

मोदी सरकार के आर्थिक सुधार कार्यक्रमों का दिखने लगा है व्यापक असर

भारत की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमन ने भी कहा है कि देश में आर्थिक सुधार कार्यक्रमों को जारी रखा जाएगा ताकि विदेशी निवेशक भारत की ओर अपना रूख बनाए रख सकें।

कोरोना काल में परेशान कर्जदारों को मोदी सरकार ने दी राहत

मोदी सरकार के ब्याज पर प्रभारित ब्याज की राशि को माफ़ करने और मोरेटोरियम अवधि को बढ़ाने के फैसले से कोरोना महामारी से प्रभावित ऋणियों को तत्काल राहत मिलेगा

गांवों के साथ-साथ शहरों में भी खुशहाली लाएगी किसान रेल

भारतीय रेलवे ने देश में एक छोर से दूसरे छोर तक ताजा सब्‍जी, फल, फूल और मछली पहुंचाने के लिए किसान रेल सेवा शुरू की है। पहली किसान रेल चल भी चुकी है।

आर्थिक सुधारों को गति देने में जुटी सरकार

सरकार और भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा उठाये गये नीतिगत कदमों से वित्तीय बाजार की स्थिति में कुछ सुधार आया है और बैंकों और अन्य वित्तीय संस्थानों को नकदी की किल्लत का ज्यादा सामना नहीं करना पड़ रहा है, जिससे उधारी की लागत में भी कमी आई है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के अनुसार कोरोना महामारी

अविवेकपूर्ण निर्णयों से समस्या पैदा कर अब किस मुंह से केंद्र से मदद मांग रहे केजरीवाल ?

केजरीवाल कब क्‍या देखकर निर्णय लेते हैं, यह समझ से परे होता है। उनके बयान भी कम चौंकाने वाले नहीं होते। उन्‍होंने पिछले दिनों बड़ी अटपटी बात कही कि दिल्‍ली सरकार यहां के अस्‍पतालों में बाहरी राज्‍यों के मरीजों का इलाज नहीं करेगी।

नए क्रांतिकारी आर्थिक सुधार कार्यक्रम से कृषि क्षेत्र को लगेंगे पंख

अभी हाल ही में केन्द्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा कृषि क्षेत्र के विकास हेतु जिस 11 सूत्रीय कार्यक्रम की घोषणा की गई है वह कृषि क्षेत्र के लिए एक विशाल परिवर्तक के तौर पर सिद्ध होने जा रहा है एवं इसके कारण कृषि क्षेत्र में निजी निवेशक अपने निवेश को बहुत भारी मात्रा में बढ़ा सकेंगे

‘सरकार आमजन व अर्थव्यवस्था को बचाने में जुटी है और विपक्षी दल अपनी राजनीति चमकाने में’

कोरोना महामारी के संक्रमण के बढ़ते दायरे के साथ सरकार के प्रयासों और योजनाओं का भी दायरा बढ़ा है। मौजूदा आर्थिक, औद्योगिक और स्‍वास्‍थ्‍यगत संकट को देखते हुए केंद्र सहित राज्‍य सरकारें भी अपने स्‍तर पर अधिक से अधिक काम करने का प्रयास कर रही हैं।

आर्थिक पैकेज : आम आदमी और अर्थव्यवस्था को आत्मनिर्भर बनाने की पहल

कोरोना महामारी से उत्पन्न संकट से निपटने के लिये प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 20 लाख करोड़ रुपये के राहत पैकेज की घोषणा 12 मई को की जिसके बाद वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण लगातार दो दिन से इस पैकेज के प्रावधानों और आवंटनों की जानकारी दे रही है।