निर्मला सीतारमण

महिला सशक्तिकरण को नए आयाम देती मोदी सरकार

मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल ने बिना किसी शोर-शराबे के महिलाओं को केंद्र में ला कर खड़ा किया है, जिसकी शुरुआत ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ अभियान से हुई थी।

डीआईसीजीसी अधिनियम में संशोधन से संकटग्रस्त बैंकों के जमाकर्ताओं को मिलेगी राहत

इस अधिनियम में संशोधन के बाद कुल जमा खातों का 98.3 प्रतिशत और कुल जमा मूल्य का 50.9 प्रतिशत संशोधित बीमा कवर के दायरे में आ जायेगा।

राहत पैकेज से मिलेगी अर्थव्यवस्था को मजबूती

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कोरोना महामारी से प्रभावित आमजन और कारोबारियों को राहत देने के लिए 28 जून को अनेक घोषणाएँ की, जिन्हें अमल में लाने में बैंकों की अहम् भूमिका होगी।

रोजगार के नए अवसर सृजित करने में सहायक होगा बजट-2021

बजट में पूंजीगत ख़र्चों में 34.46 प्रतिशत की वृद्धि की गयी है। इसका सीधा परिणाम देश में रोजगार के नए अवसरों के सृजित होने के रूप में देखने को मिलेगा।

आर्थिक गतिविधियों को गति देने वाला बजट

बजट में आधारभूत संरचना खास करके ग्रामीण आधारभूत संरचना, ग्रामीण अर्थव्यवस्था, बैंकिंग क्षेत्र, एमएसएमई क्षेत्र आदि को मजबूत बनाने पर विशेष ज़ोर दिया गया है।

मोदी सरकार के आर्थिक सुधार कार्यक्रमों का दिखने लगा है व्यापक असर

भारत की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमन ने भी कहा है कि देश में आर्थिक सुधार कार्यक्रमों को जारी रखा जाएगा ताकि विदेशी निवेशक भारत की ओर अपना रूख बनाए रख सकें।

कोरोना काल में परेशान कर्जदारों को मोदी सरकार ने दी राहत

मोदी सरकार के ब्याज पर प्रभारित ब्याज की राशि को माफ़ करने और मोरेटोरियम अवधि को बढ़ाने के फैसले से कोरोना महामारी से प्रभावित ऋणियों को तत्काल राहत मिलेगा

गांवों के साथ-साथ शहरों में भी खुशहाली लाएगी किसान रेल

भारतीय रेलवे ने देश में एक छोर से दूसरे छोर तक ताजा सब्‍जी, फल, फूल और मछली पहुंचाने के लिए किसान रेल सेवा शुरू की है। पहली किसान रेल चल भी चुकी है।

आर्थिक सुधारों को गति देने में जुटी सरकार

सरकार और भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा उठाये गये नीतिगत कदमों से वित्तीय बाजार की स्थिति में कुछ सुधार आया है और बैंकों और अन्य वित्तीय संस्थानों को नकदी की किल्लत का ज्यादा सामना नहीं करना पड़ रहा है, जिससे उधारी की लागत में भी कमी आई है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के अनुसार कोरोना महामारी

अविवेकपूर्ण निर्णयों से समस्या पैदा कर अब किस मुंह से केंद्र से मदद मांग रहे केजरीवाल ?

केजरीवाल कब क्‍या देखकर निर्णय लेते हैं, यह समझ से परे होता है। उनके बयान भी कम चौंकाने वाले नहीं होते। उन्‍होंने पिछले दिनों बड़ी अटपटी बात कही कि दिल्‍ली सरकार यहां के अस्‍पतालों में बाहरी राज्‍यों के मरीजों का इलाज नहीं करेगी।