प्रधानमंत्री

यूएनएससी की खुली परिचर्चा की अध्यक्षता करने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री बने मोदी, बढ़ा देश का गौरव

देश में प्रधानमंत्री मोदी के मजबूत नेतृत्व का असर विश्व में भारत की स्थिति पर भी पड़ा है। अब विश्व बिरादरी के लिए भारत को अनदेखा करना संभव नहीं रह गया है। 

ई-रुपी : ई-गवर्नेंस को मजबूती देने वाला कदम

ई-रुपी की सबसे ख़ास बात इसका ‘पर्सन और पर्पज बेस्ड’ होना है। यानी कि इसे जिस व्यक्ति और जिस काम के लिए जारी किया जाएगा उस व्यक्ति द्वारा उसी काम में इसका इस्तेमाल किया जा सकेगा।

प्रधानमंत्री मोदी की बांग्लादेश यात्रा को चुनाव से जोड़ना अनुचित परिपाटी

यदि प्रधानमंत्री इस बांग्लादेश दौरे के दौरान भारतीय दृष्टिकोण से महत्त्वपूर्ण किसी धार्मिक केंद्र या श्रद्धास्थल पर गए हैं तो ऐसा पहली बार तो नहीं हुआ है? क्या वे 2015 में ढाकेश्वरी देवी के मंदिर नहीं गए थे? तब तो कोई चुनाव नहीं था?

किसानों के हितों के प्रति प्रतिबद्ध है मोदी सरकार

देश के 9 करोड़ से अधिक किसानों के बैंक खातों में करीब 18 हजार करोड़ रुपए सीधे जमा किए गए। यह काम हर बार की तरह, इस बार भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया।

कृषि सुधार कानूनों को लेकर किसानों में भ्रम फैलाने का राजनीतिक कुचक्र

ये आंदोलन सीमित क्षेत्र में है, जबकि देशभर के बहुसंख्यक किसान कृषि सुधारों के पक्ष में हैं। अतः जो राजनीति करने पर तुले हुए लोग हैं, जो किसानों के कंधों पर बंदूकें रखकर राजनीति कर रहे हैं, देश के सारे जागरुक किसान उनको भी परास्त करके रहेंगे।

भारत की लोकतांत्रिक यात्रा का गौरवशाली कीर्तिस्तंभ होगा नया संसद भवन

नया संसद-भवन भारत की लोकतांत्रिक यात्रा का गौरवशाली कीर्त्तिस्तंभ है, मील का पत्थर है। यह राष्ट्र के मस्तक का रत्नजड़ित मान-मुकुट है।

कृषि सुधारों से किसानों की आमदनी बढ़ाने में जुटी मोदी सरकार

मोदी सरकार जिस तरह कृषि क्षेत्र में सुधारों की दिशा में काम कर रही है, उससे जल्दी-ही खेती के मुनाफे का सौदा बनने की उम्मीद है।

कोरोना संकट : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान को समझने की जरूरत

जब तक वैक्सीन नहीं आ जाती हमें अपने-अपने स्तर पर, अपने-अपने दायरे में सुरक्षा-कवच बनकर कोरोना महामारी की रोकथाम करनी होगी।

नरेंद्र मोदी : विशाल जनसमर्थन से युक्त नेतृत्व के बीस वर्ष

13 सितम्बर 2013 को नरेंद्र मोदी का नाम प्रधानमंत्री के तौर पर भाजपा ने घोषित किया था। मोदी ने प्रधानमंत्री के उम्मीदवार बनते ही सबसे पहले  नारा दिया  272 प्लस

दो दशकों से नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की अभेद्य लोकप्रियता का रहस्य क्या है ?

मोदी के साहसिक निर्णय आज तो जन-स्वीकार्य हैं ही, आने वाले सैकड़ों वर्षों तक भी उन्हें उनके इन निर्णयों के लिए याद किया जाएगा।