बजट

दहाई अंक की जीडीपी वृद्धि दर पाने की दिशा में अग्रसर भारतीय अर्थव्यवस्था

महामारी के बाद भी भारतीय अर्थव्यवस्था बहुत ही जल्द न सिर्फ रिकवरी करने में कामयाब रही, बल्कि दहाई अंक के जीडीपी आंकड़ा को छूने की दिशा में अग्रसर हो गई है।  

बजट प्रावधानों से बैंकिंग क्षेत्र को मिलेगी मजबूती

बजट प्रावधानों से बैंकों के ऋण वृद्धि दर में इजाफा होने और एनपीए के स्तर में कमी आने की संभावना है साथ ही साथ इससे आगामी महीनों में बैंकों के मुनाफे में भी उल्लेखनीय वृद्धि होगी।

जीएसटी संग्रह में लगातार वृद्धि के निहितार्थ

जीएसटी संग्रहण में सीजीएसटी का हिस्सा 23,978 करोड़ रुपए रहा, आईजीएसटी का हिस्सा 66,815 करोड़ रूपये और राज्यों का हिस्सा यानी एसजीएसटी 31,127 करोड़ रुपए रहा।

पहली तिमाही में जीडीपी में हुई रिकॉर्ड वृद्धि अर्थव्यवस्था की गतिशीलता को ही दर्शाती है

वित्त वर्ष 2021-22 की पहली तिमाही में जीडीपी में 20.1 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। तिमाही आधार पर भी पिछले वर्ष की दिसंबर तिमाही से जीडीपी में लगातार वृद्धि होना विकास में तेजी आने का द्योतक है।

विकास का वाहक बनता एमएसएमई क्षेत्र

एमएसएमई क्षेत्र में लगभग 11 करोड़ लोगों को रोजगार मिला हुआ है। अगर एक परिवार की संख्या 4 मानें तो ये 11 करोड़ लोग 33 करोड़ अन्य लोगों का जीवनयापन कर रहे हैं।

वैश्विक रेटिंग एजेंसियों के आईने में भी मजबूत नजर आ रही भारतीय अर्थव्यवस्था

वैश्विक रेटिंग एजेंसी मूडीज ने वित्त वर्ष 2021-22 के लिए भारत की आर्थिक वृद्धि का अनुमान पहले के 10.8  प्रतिशत से बढ़ाकर 13.7 प्रतिशत कर दिया है।

केंद्र सरकार के प्रयासों से मजबूत हो रहे भारतीय बैंक

सरकार के प्रयासों से बैंकों के एनपीए में कमी दृष्टिगोचर हो रही है। पिछले 6 वर्षों के दौरान सरकार ने लगातार बैंकों की हर तरह की समस्याओं के समाधान हेतु प्रयास किए हैं।

रोजगार के नए अवसर सृजित करने में सहायक होगा बजट-2021

बजट में पूंजीगत ख़र्चों में 34.46 प्रतिशत की वृद्धि की गयी है। इसका सीधा परिणाम देश में रोजगार के नए अवसरों के सृजित होने के रूप में देखने को मिलेगा।

आर्थिक गतिविधियों को गति देने वाला बजट

बजट में आधारभूत संरचना खास करके ग्रामीण आधारभूत संरचना, ग्रामीण अर्थव्यवस्था, बैंकिंग क्षेत्र, एमएसएमई क्षेत्र आदि को मजबूत बनाने पर विशेष ज़ोर दिया गया है।

विकास को और गति देने हेतु पूंजीगत खर्च बढ़ा रही है केंद्र सरकार

माह अप्रेल 2020 से नवम्बर 2020 को समाप्त अवधि में केंद्र सरकार का कुल व्यय  19,06,358 करोड़ रुपए रहा है जबकि वित्तीय वर्ष 2019-20 की इसी अवधि के दौरान यह 18,20,057 करोड़ रुपए रहा था।