मौद्रिक समीक्षा

कोरोना काल में कारोबारियों को राहत देने की कवायद

तीन जून को सेंसेक्स 382 पॉइंट चढ़कर रिकॉर्ड 52,232 पर और निफ्टी 15,690 पर बंद हुआ है। बाजार की बढ़त का मुख्य कारण देश में कोरोना वायरस का घटता संक्रमण दर और केंद्रीय बैंक द्वारा नीतिगत दरों को यथावत रखना है।

अर्थव्यवस्था को गति देने वाले हैं रिजर्व बैंक के सुधारात्मक उपाय

अर्थव्यवस्था को गति देने के लिए और सुधार प्रक्रिया को जारी रखने के लिए रिजर्व बैंक प्रतिबद्ध है और इस दिशा में वह निरंतर सुधारात्मक उपायों को अमलीजामा भी पहना रहा है।

मौद्रिक समीक्षा में विकास पर रहा जोर

एक फरवरी को पेश किए गए बजट में भी विकास की गति को तेज करने पर बल दिया गया था और 5 फरवरी को पेश की गई मौद्रिक समीक्षा में भी रिजर्व बैंक ने महँगाई को नियंत्रण में रखते हुए अर्थव्यवस्था को गुलाबी बनाने के लिये अनेक उपाय किये हैं।

मौद्रिक समीक्षा : वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता के बावजूद आगे बढ़ती रहेगी भारतीय अर्थव्यवस्था

मौद्रिक समीक्षा में नीतिगत दरों को यथावत रखना रिजर्व द्वारा उठाया गया समीचीन कदम है। मौजूदा समय में बैंकिंग प्रणाली में ऋण देने के लिए पर्याप्त नकदी है।

रिज़र्व बैंक द्वारा नीतिगत दरों में कटौती से आमजन को मिलेगी राहत

भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा 22 मई को रेपो दर में 40 बीपीएस की कटौती करने से बैंक से कर्ज लेने वाले ग्राहकों को राहत मिलने का अनुमान है।