योगी

मोदी और योगी के राज में अपने गौरव के अनुकूल विकसित हो रही अयोध्या

यह मानना पड़ेगा कि योगी आदित्यनाथ की सरकार केंद्र के प्रयासों में सहयोगी की भूमिका का बखूबी निर्वाह कर रही है। यह सहयोग सांस्कृतिक राष्ट्रवाद की गौरव-गाथा तक ही सीमित नहीं है, बल्कि केंद्र की विकास और कल्याणकारी योजनाओं को भी प्रदेश में बेहतर ढंग से लागू किया गया है। इतना ही नहीं कई क्षेत्रों में तो राष्ट्रीय स्तर के कीर्तिमान भी स्थापित हुए।

‘अयोध्या हमारी आन, बान और शान का प्रतीक है, इसके साथ कोई अन्याय नहीं कर सकता’

दीपावली त्रेता युग से चली आ रही भारतीय परंपरा है। इस दिन प्रभु राम लंका विजय कर अयोध्या पधारे थे। अयोध्या की उदासी दूर हुई। उत्साह, उमंग का वातावरण बना। इसीकी अभिव्यक्ति दीप जला कर की गई। इसी के साथ एक सन्देश भी निर्मित हो गया। सन्देश असत्य पर सत्य की जीत का था। कार्तिक मास की गहन अंधकार वाली अमावस्या की  रात्रि दीयों की रोशनी से नहा

ओडीओपी योजना : हर साल पांच लाख लोगों को मिलेगा रोजगार, बढ़ेगा देश का निर्यात

भारत में राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति के कार्यक्रम बहुत औपचारिकता वाले रहते हैं। लेकिन पिछले कुछ समय से इसमें परिवर्तन देखा जा रहा है। रामनाथ कोविंद और वेंकैया नायडू ने विकास और लोक कल्याण कार्यक्रमो में अपनी सहभागिता बढ़ाई है। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ इसकी गवाह बनी।

पहले जिस यूपी में आने से कतराते थे निवेशक, अब निवेश के लिए सबसे सुगम प्रदेशों में है शामिल!

गत दिनों प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने उत्तर प्रदेश के विकास को गति देते हुए विभिन्न कल्याणकारी परियोजनाओं की आधारशिला रखी। राजधानी लखनऊ में सर्वप्रथम उन्होंने स्मार्ट सिटी, प्रधानमंत्री आवास योजना और अमृत योजना से जुड़ी 3897 करोड़ रूपए की 99 परियोजनाओं का शिलान्यास किया। इसके अगले ही दिन प्रधानमंत्री मोदी ने उत्तर प्रदेश के औद्योगिक निवेश का

‘सपा के पांच साल में यूपी में जितना निवेश हुआ था, उससे अधिक योगी के एक साल में ही हो गया’

उत्तर प्रदेश के इतिहास में औद्योगिक विकास का अभूतपूर्व अध्याय जुड़ा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लखनऊ में 60 हजार करोड़ से ज्यादा के उद्योगों की नींव रखी जिससे लाखों की तादाद में रोजगार पैदा होंगे। नरेंद्र मोदी ने माना कि योगी आदित्यनाथ ने व्यवस्था को बदलने में सफलता की है। इसके चलते ही यह कार्य संभव हो सका।

बाणसागर परियोजना : ये मोदी की कार्यशैली है कि दशकों से अटकी परियोजनाएं वर्षों में पूरी हो रहीं !

उत्‍तर प्रदेश, बिहार और मध्‍य प्रदेश के लिए संजीवनी रूपी बाणसागर नहर परियोजना का उद्घाटन आखिरकार हो ही गया। चालीस साल पहले शुरू हुई इस परियोजना के 20 साल तो काम शुरू होने में ही निकल गए। इस दौरान कई सरकारें आईं-गईं लेकिन इस परियोजना पर सिर्फ बातें-वादें हुए। इसका नतीजा यह हुआ कि जो परियोजना 300 करोड़ रूपये में पूरी हो सकती थी

मोदी और योगी के नेतृत्व में विकास की एक नयी इबारत लिखने की ओर बढ़ रहा यूपी

देश के लोकप्रिय एवं गरीब, वंचितों के विकास को समर्पित प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पिछले बीते दिनों से उत्तर प्रदेश के दौरे पर रहे, जहाँ उन्होंने कई जन-कल्याणकारी परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन किया। प्रधानमंत्री मोदी ने सबसे पहले मुलायम सिंह यादव के संसदीय क्षेत्र आजमगढ़ में पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे की आधारशिला रखी। यह एक्सप्रेस-वे लखनऊ, अमेठी, फैजाबाद,

प्रगति-पथ पर मोदी-योगी की दमदार जुगलबंदी

उत्तर प्रदेश का व्यापारिक सुगमता में दो पायदान आगे बढ़ना, नोएडा में सैमसंग की सबसे बड़ी फैक्ट्री शुरू होना, लखनऊ में उद्यमिता समिट, पूर्वांचल एक्सप्रेस वे का उद्घाटन – ये सब कुछ ही दिनों की दास्तान है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विकास के जिस मॉडल के पक्षधर रहे हैं, मुख्यमंत्री आदित्यनाथ उस दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।

अयोध्या की दीपावली : ‘अवधपुरी सोहई एहि भाँती, प्रभुहि मिलन आई जिमि राती’

त्रेता युग में लौटा तो नहीं जा सकता, लेकिन उसकी कल्पना और प्रतीक से ही मन प्रफुल्लित हो जाता है। अयोध्या में ऐसे ही चित्र सजीव हुए। इस आयोजन का सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह था कि इसमे आमजन आस्था के भाव से सहभागी बना। यह प्रसंग भी रामचरित मानस के वर्णन जैसा प्रतीत होता है।

अयोध्या में पुनः साकार हुई त्रेता युग की दीपावली !

बुधवार 18 अक्‍टूबर का दिन अयोध्‍या नगरी के लिए अभूतपूर्व एवं ऐतिहासिक था। पूरे नगरवासियों ने कुछ ऐसा देखा जिसकी अभी तक कल्‍पना भी नहीं रही होगी। दीपोत्‍सव का पर्व यादगार बन गया। मानो साक्षात त्रेता युग इस युग में उतर आया हो। उत्‍तर प्रदेश के मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ की पहल पर अयोध्‍या में दीपावली पर्व भव्‍य पैमाने पर मनायी गयी। इस आयोजन की सूत्रधार भले ही सरकार थी, लेकिन यह जन