रेपो दर

कोरोना काल में कारोबारियों को राहत देने की कवायद

तीन जून को सेंसेक्स 382 पॉइंट चढ़कर रिकॉर्ड 52,232 पर और निफ्टी 15,690 पर बंद हुआ है। बाजार की बढ़त का मुख्य कारण देश में कोरोना वायरस का घटता संक्रमण दर और केंद्रीय बैंक द्वारा नीतिगत दरों को यथावत रखना है।

छूट की पेशकश से मांग बढ़ाने की कवायद में जुटी वाहन कम्पनियाँ

छोटे एवं मझोले उद्योगों (एमएसएमई) ने भी अनेक राज्यों में काम करना शुरू कर दिया है। उत्तर प्रदेश में अब तक 23 लाख छोटे एवं मझोले उद्योगों ने फिर से उत्पादन करना शुरू कर दिया है।

रिजर्व बैंक द्वारा नीतिगत दरों में कटौती से आर्थिक गतिविधियों में आएगी तेजी

मौद्रिक नीति समिति के 5 सदस्यों ने एकमत से रेपो दर में 0.25 प्रतिशत कटौती की सिफ़ारिश की, जिससे रेपो दर कम होकर 5.15 प्रतिशत हो गया। वर्ष 2019 में नीतिगत दर में लगातार पाँचवीं बार कटौती की गई है। मौद्रिक नीति समिति ने रिवर्स रेपो दर में भी 25 आधार अंकों की कटौती की है। इस कटौती से यह 5.15 प्रतिशत से घटकर 4.90 प्रतिशत हो गया है। नीतिगत दर में 25