श्री राम

विश्व पटल पर प्रतिष्ठित हो रही अयोध्या

प्रभु राम लंका विजय के बाद अयोध्या आये थे तब दीपों से जगमगा उठी थी। योगी आदित्यनाथ इसकी भव्यता व दिव्यता विश्व के समक्ष प्रस्तुत करने का काम कर रहे हैं।

राम मंदिर हमें भान कराता रहेगा कि सत्य को कितना भी दबाया जाए, वो असत्य को मिटा ही देता है

राम देश के राष्ट्र पुरुष हैं। जाहिर है उनका मंदिर राष्ट्र मंदिर होगा जो देश में समरसता, आस्था, मर्यादा का भाव जागृत करता रहेगा।

सनातन सांस्कृतिक मूल्यों के पुनर्स्थापन के साथ-साथ विकास की धारा को भी गति देगा मंदिर निर्माण

कहना होगा कि राम मंदिर का निर्माण भारत के सनातन सांस्कृतिक मूल्‍यों का प्रतिस्‍थापन तो है ही, इससे विकास की धारा को भी गति मिलेगी।

भारत के रोम रोम में बसते हैं श्रीराम

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 5 अगस्त, 2020 को अयोध्या जाकर भव्य-दिव्य राम मंदिर की आधारशिला रखेंगे और करोड़ों भारतीयों का सपना साकार करेंगे।

विश्वस्तरीय तीर्थाटन केंद्र के रूप में विकसित होगी अयोध्या

विश्व के अनेक देशों की अर्थव्यवस्था में पर्यटन व तीर्थाटन का विशेष योगदान रहता है। इसके लिए इन देशों ने योजनबद्ध ढंग से प्रयास किया। अपनी आध्यात्मिक, ऐतिहासिक व प्राकृतिक धरोहरों को सजाया-सँवारा, वहां विश्व स्तरीय सुविधाओं व संसाधनों का विकास किया। इसके कारण अनेक स्थानों को विश्व स्तरीय प्रतिष्ठा मिली।

रामनवमी विशेष : कम्पनियों के सीईओज को लेनी चाहिए राम के जीवन से सीख

श्रीराम का जीवन यूँ तो न सिर्फ भारत बल्कि दुनिया के भी अनेक देशों में आदर्श के रूप में स्थापित और स्वीकृत है. लेकिन, यहाँ आज की जरूरतों के संदर्भ में एक अलग दृष्टिकोण से हम उसकी विवेचना करें तो श्रीराम का जीवन किसी कंपनी के सीईओ के लिए भी प्रेरणा बन सकता है। राम अगर किसी बड़ी कंपनी के सीईओ होते तो खासे सफल रहते।