उज्ज्वला योजना

मोदी सरकार की नीतियों से देश के ऊर्जा क्षेत्र में हो रही क्रांति

भारत ऊर्जा के क्षेत्र में बदलाव की दिशा में काफी मेहनत से काम कर रहा है। सरकार ने बिजली और खाना पकाने के स्वच्छ ईंधन को अपनी शीर्ष प्राथमिकता में रखा हुआ है

नरेंद्र मोदी : परिश्रम, पुरुषार्थ, त्याग और सेवा का दुर्लभ दृष्टांत प्रस्तुत करने वाले राजनेता

नरेंद्र मोदी जब कहते हैं कि राजनीति उनके लिए सत्ता व सुविधा की मंजिल नहीं, सेवा का माध्यम रही है तो उनका यह वक्तव्य अतिरेकी या अविश्वसनीय नहीं लगता। 

हर घर तक नल से जल पहुंचाने की दिशा में तेजी से बढ़ रही मोदी सरकार

जल जीवन मिशन के तहत पिछले एक साल में ही दो करोड़ घरों तक पाइप से पीने का पानी पहुंचा दिया गया है। कोरोना काल के इस दौर में रोजगार की दृष्‍टि से ग्रामीण क्षेत्रों के लिए यह योजना वरदान साबित हुई है। 

केंद्र सरकार के प्रोत्साहन और प्रयास से जल्‍द ही राज्‍य बनेंगे आत्‍मनिर्भर

अब तक प्रधानमंत्री गरीब कल्याण पैकेज के तहत 42 करोड़ लोगों को 53 हजार करोड़ रुपये की नकदी सहायता दी गई है। जबकि महिला जन धन खाताधारकों को भी 20,344 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है।

‘भाजपा की चुनावी सफलता का सबसे बड़ा कारण मोदी सरकार के विकास कार्य हैं’

अब तक की सरकारें चुनावों को ध्‍यान में रखकर योजनाएं बनाती रही हैं। यही कारण है कि इन योजनाओं का स्‍वरूप दान-दक्षिणा वाला ही बना रहता था। मोदी सरकार ने पहली बार समाज के वंचित तबकों को हर तरह से सशक्‍त बनाने का काम किया।

महिलाओं को चूल्‍हे के धुंए से आजादी दिलाने में कामयाब रही मोदी सरकार !

आजादी के बाद गरीबी मिटाने की सैकड़ों योजनाओं के बावजूद गरीबों की तादाद में अपेक्षित कमी नहीं आई तो इसका कारण है कि हमने उन कारणों को दूर नहीं किया जो लोगों को गरीबी के बाड़े में धकेलती हैं। आजादी के बाद से ही सरकारों का पूरा जोर सस्‍ता राशन और भत्‍ता बांटने पर रहा ताकि गरीबों में असंतोष न पनपे और वोट बैंक की राजनीति बदस्‍तूर चलती रहे। यदि सरकारों ने बिजली, पानी, सड़क, शिक्षा, स्‍वास्‍थ्‍य,

ग्रामीण क्षेत्रों में उज्ज्वला योजना से मुद्रास्फीति में आ रही कमी

भारत, खास करके ग्रामीण इलाकों, में उपभोग के तरीकों में बदलाव के साथ-साथ लोगों के रहने के तौर-तरीकों में भी लगातार परिवर्तन आ रहा है। जीवनयापन को बेहतर बनाने के लिये ग्रामीण क्षेत्रों में अच्छी गुणवत्ता वाले उत्पादों एवं सेवाओं की माँग में बढ़ोतरी हो रही है। वित्त वर्ष 2016 से ग्रामीण इलाकों में विवेकाधीन उपभोग में गिरावट की प्रवृति देखी जा रही है। इसका संभावित कारण बड़ी-बड़ी विनिर्माण या

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जनता में सरकार के प्रति विश्वास जगाया है!

वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव के दौरान देश राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक हर प्रकार से एक अन्धकार में था। संप्रग-नीत सत्ता भ्रष्टाचार के दलदल में आकंठ डूबी थी, जिसके कारण देश का आर्थिक ढांचा चरमरा रहा था और यह सब देखकर समाज में घनघोर निराशा व्याप्त थी। ऐसे समय में देश के सामने गुजरात के विकास मॉडल की उजली तस्वीर लेकर नरेंद्र मोदी आए।

उज्ज्वला योजना : महिलाओं के स्वास्थ्य और सशक्तिकरण की दिशा में सार्थक कदम

मोदी सरकार द्वारा गत वर्ष आरम्भ की गयी उज्ज्वला योजना न केवल महिलाओं के स्वास्थ्य की दिशा में एक सकारात्मक कदम है। ग्रामीण क्षेत्रों के गरीब परिवारों की अधिकांश महिलाएं आज भी मिट्टी के चूल्हे पर खाना पकाती हैं। ऐसे परिवारों को उज्ज्वला योजना के अंतर्गत भारत सरकार एलपीजी कनेक्शन उपलब्ध कराएगी। एलपीजी कनेक्शन गरीबी रेखा से नीचे के परिवारों की महिलाओं को दिया जाएगा। केंद्र

‘सबका साथ सबका विकास’ के लक्ष्य की दिशा में बढ़ रही मोदी सरकार

नोटबंदी के फैसले की मियाद खत्म होते ही सरकार जनता की भलाई और विकास के लिए अपनी झोली खोलते हुए किसानों, महिलाओं और मध्यम उद्योग-धंधो से जुड़े लोगों को मदद पहुंचाने के लिए कार्यरत दिख रही है। नोटबंदी की अवधि बीतने के बाद बीते 31 दिसंबर को जनता से मुखातिब प्रधानमंत्री मोदी ने कई प्रकार की जनहितैषी घोषणाएं की। कैशलेस इकोनॉमी के साथ देश को आगे ले जाने की फितरत के साथ