हनुमान

गणतंत्र दिवस: भारतीय संविधान में मौजूद राम-कृष्ण के चित्रों के बारे में कितना जानते हैं आप?

भारत की स्वतंत्रता और संविधान निर्माण को अलग करके नहीं देखा जा सकता। दोनों भारत के गौरवशाली अवसर हैं। इससे हम सबको प्रेरणा लेनी चाहिए। यह तो आप जानते हैं कि आज की तारीख को ही 1950 में भारतीय संविधान लागू हुआ था, लेकिन क्या आपको मालूम है कि मूल संविधान में अनेक चित्र थे। इनका निर्माण नन्दलाल बोस ने किया था। यह हमारे गौरवशाली अतीत की झलक देने वाले थे। गणतंत्र दिवस पर इनकी भी चर्चा होनी चाहिए।

प्रतिबंध के सम्मान के साथ आस्था की अभिव्यक्ति

योगी आदित्यनाथ ने चुनाव आयोग द्वारा लगाए गए प्रतिबन्ध का सम्मान किया। उन्होंने इसे एक अवसर के रूप में लिया। आयोग के आदेशानुसार वह बहत्तर घण्टे तक चुनाव प्रचार नहीं कर सकते थे। योगी आदित्यनाथ संत हैं, गोरखधाम के पीठाधीश्वर हैं, इसी के अनुकूल उन्होंने प्रतिबन्ध काल में आचरण किया। संकटमोचन मंदिर में दर्शन के साथ स्पर्श बालिका विद्यालय जाकर

रामनवमी विशेष : कम्पनियों के सीईओज को लेनी चाहिए राम के जीवन से सीख

श्रीराम का जीवन यूँ तो न सिर्फ भारत बल्कि दुनिया के भी अनेक देशों में आदर्श के रूप में स्थापित और स्वीकृत है. लेकिन, यहाँ आज की जरूरतों के संदर्भ में एक अलग दृष्टिकोण से हम उसकी विवेचना करें तो श्रीराम का जीवन किसी कंपनी के सीईओ के लिए भी प्रेरणा बन सकता है। राम अगर किसी बड़ी कंपनी के सीईओ होते तो खासे सफल रहते।