आदर्श तिवारी

मोदी 2.0 : वैचारिक प्रतिबद्धताओं को पूरा करने वाला एक साल

नरेंद्र मोदी के दूसरे कार्यकाल को हम वैचारिक संकल्प की कसौटी पर परखें तो समझ में आता है कि आज़ादी के उपरांत जनसंघ के समय से जो वादें पार्टी करती आ रही थी, उन्हें पूरा करने का यश नरेंद्र मोदी को प्राप्त हुआ है।

आत्मनिर्भर भारत अभियान : दीनदयाल उपाध्याय के विचारों पर चल रही मोदी सरकार

दीनदयाल उपाध्याय का राजनीतिक, सांस्कृतिक तथा आर्थिक दर्शन भारतीयता के मूल से निकला हुआ दर्शन है, किन्तु वैचारिक मदभेदों के कारण देश में लंबे समय तक सत्ता में रहने वाली कांग्रेसनीत सरकारों ने उन विचारों की उपेक्षा की, जिसका दुष्परिणाम हम बढ़ते पूंजीवाद, व्यवस्थाओं के केन्द्रीकरण, आयात पर निर्भरता, असंतुलित औद्योगीकरण के रूप में देख सकते हैं।

संघ प्रमुख के उद्बोधन के निहितार्थ बहुत गहरे हैं

देश में कभी भी कोई बड़ा मामला आता है अथवा कोई विमर्श खड़ा होता है, तो देश का एक बड़ा तबका यह जानने के लिए उत्सुक रहता है कि इस विषय पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की क्या राय है। आज भी यह प्रश्न उठ रहा है कि मौजूदा कोरोना के महासंकट से बाहर आने एवं वर्तमान में कोरोना वायरस से उपजी चुनौतियों से निपटने की दिशा में आरएसएस किस भूमिका का निर्वहन कर रहा है?

कोरोना संकट : मोदी के जिन कार्यों की विश्व प्रशंसा कर रहा, कांग्रेस उनमें खोट निकालने में लगी है

देश कोरोना महामारी से जूझ रहा है। सरकार हर संभव प्रयास कर रही है कि इस युद्ध में सभी मिलकर लड़ें क्योंकि सामूहिक प्रयास और एकजुटता से ही इस लड़ाई को जीता जा सकता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राजनीतिक, सामाजिक, धार्मिक सभी प्रकार की एकजुटता लाने के प्रयास लगातार किए हैं। इस लड़ाई में आम जनमानस का जो सहयोग मिल रहा है वह भी अभूतपूर्व है। एक सर्व समावेशी सरकार के मानकों पर इस समय नरेंद्र मोदी सरकार को परखें तो वह शत प्रतिशत खरी उतरी है।

दिल्ली से मजदूरों के पलायन के लिए जिम्मेदार है केजरीवाल सरकार

कोरोना वायरस से हमारी सुरक्षा के मद्देनजर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 24 मार्च को 21 दिन के लॉकडाउन की घोषणा की थी। कोविड-19 संक्रमण के कारण तेज़ी से फैल रहा है। इस संक्रमण को रोकने का सबसे कारगर उपाय यही है कि लोग एक दूसरे के सम्पर्क में ना आएं। भारत सरकार इस महामारी से निपटने के लिए हर प्रभावी कदम उठा रही है।

तीन सालों में स्वास्थ्य और क़ानून व्यवस्था दुरुस्त करने में कामयाब रही योगी सरकार

सरकार का गठन होने के तुरंत बाद उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने किसानों के कर्ज को अपने वायदे के अनुसार माफ़ किया। एंटी रोमियो स्क्वायड के जरिये महिलाओं की सुरक्षा की दिशा में कदम बढ़ाया, वहीं अवैध बूचड़खानों को भी बंद कराया। ये सारे काम एक साथ ऐसे त्वरित गति से होने लगे कि लोगों की उम्मीद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से बढ़ गई

राष्ट्रऋषि नानाजी देशमुख जिन्होंने ग्रामीण विकास व स्वावलंबन का आदर्श मॉडल प्रस्तुत किया

राष्ट्र के उत्थान के लिए अपने जीवन को समर्पित करने वालों की चर्चा होते ही एक नाम हमारे सामने सबसे पहले आता है, वह है भारत रत्न राष्ट्र ऋषि, विराट पुरुष नाना जी देखमुख का। नानाजी देशमुख आज भी प्रसांगिक हैं, तो उसका सबसे बड़ा कारण उनका सामाजिक जीवन में नैतिकता और राष्ट्र सेवा के लिए संकल्पबद्ध होकर कठिन परिश्रम करना है।

दो मामले जिन्होंने वामपंथी और सेक्युलर गिरोह के पाखण्ड की कलई खोल दी है!

देशभर में नागरिकता संशोधन कानून को लेकर चल रहे विरोध प्रदर्शनों का अराजक स्वरूप जिस तरह सामने  आया है, वह हैरान करने वाला है। ऐसा कानून जिससे देश के नागरिकों का कोई संबंध ना हो, उसपर इस तरह का वातवरण खड़ा करना, मानो एक खास समूह का सब कुछ लूट गया हो, हैरतअंगेज लगता है। समूचे देश ने देखा कि विरोध प्रदर्शन के नाम पर कैसे सुनियोजित हिंसा फैलाई गई, आगजनी की गई, बसों को आग के हवाले कर दिया गया, देश को तोड़ने की बात कही गई। यहाँ

आभार रैली : नागरिकता क़ानून पर विपक्ष की अफवाहों को प्रधानमंत्री मोदी ने किया बेनकाब

नागरिकता संशोधन कानून को लेकर देश भर में मचे उपद्रव के बीच पूरा देश प्रधानमंत्री की तरफ देख रहा था कि उनपर पर हो रहे राजनीतिक हमलों एवं नागरिकता कानून को लेकर फैलाए जा रहे झूठ पर वे क्या जवाब देते हैं। 1731 अवैध कालोनियों को केंद्र सरकार द्वारा नियमित कराए जाने के बाद रविवार को देश की राजधानी दिल्ली के चर्चित रामलीला मैदान में दिल्ली प्रदेश

नागरिकता संशोधन क़ानून के इस हिंसक विरोध का आधार क्या है?

नागरिकता संशोधन कानून को लेकर गृहमंत्री अमित शाह ने संसद में पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि इस विधेयक से हिंदुस्तान के किसी भी मुस्लिम को डरने की जरूरत नहीं है। वह (मुसलमान) नागरिक हैं और रहेंगे। इसके बाद भी देशभर में नागरिकता कानून के विरोध में  हिंसा फैलाने वाले लोगों की मंशा क्या है?