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स्वातंत्र्यवीर सावरकर : जिनका हिंदुत्व कोरी भावुकता पर नहीं, तर्कपूर्ण चिंतन पर आधारित था

आधुनिक राजनीतिक विमर्श में विनायक दामोदर सावरकर एक ऐसे नाम हैं, जिनकी उपेक्षा करने का साहस उनके धुर विरोधी भी नहीं जुटा पाते।

पालघर की हिंसा के पीछे मौजूद धर्मांतरण के कुचक्र को समझना होगा

धर्मांतरण के पीछे कितना बड़ा नेटवर्क काम करता है इसका अंदाज़ा आप इसी बात से लगा सकते हैं कि पालघर जैसे छोटे से तहसील में 18 ईसाई प्रार्थनाघर हैं।

‘नागरिकता संशोधन विधेयक पर तथ्यों से हीन विपक्ष केवल हिन्दूफोबिया फैला रहा है’

भारत में आज एक वर्ग ऐसा है जो सवाल उठा रहा है कि धर्म के आधार पर नागरिकता क्यों दी जा रही है। सवाल है कि क्या इससे मुसलमानों को खतरा पैदा होगा? क्या भारत हिन्दू राष्ट्र बन जाएगा? जवाब एक ही है – नहीं। नागरिकता संशोधन विधेयक एक ऐसा विषय है जिसको लेकर भ्रांतियां ज्यादा फैलाई गई हैं। विपक्ष इसको एक ऐसे मुद्दे के तौर पर पेश करना चाह रहा था कि यह देश के मुसलमानों के विरुद्ध है और वे इसके खिलाफ हैं

ये आंकड़े बताते हैं कि क्यों जरूरी है नागरिकता संशोधन विधेयक?

तीन तलाक पर क़ानून बनाकर, कश्मीर से धारा 370 हटाकर, राम मंदिर पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद अब नागरिकता संशोधन बिल को लोकसभा से पारित कराकर मोदी सरकार ने अपनी नीतियां बिलकुल साफ़ कर दी हैं। इस सरकार की खासियत ही कही जाएगी कि एक के बाद एक महत्वपूर्ण और युगांतरकारी परिवर्तन की नींव रखने में कामयाब हो रही है।

विश्वस्तरीय तीर्थाटन केंद्र के रूप में विकसित होगी अयोध्या

विश्व के अनेक देशों की अर्थव्यवस्था में पर्यटन व तीर्थाटन का विशेष योगदान रहता है। इसके लिए इन देशों ने योजनबद्ध ढंग से प्रयास किया। अपनी आध्यात्मिक, ऐतिहासिक व प्राकृतिक धरोहरों को सजाया-सँवारा, वहां विश्व स्तरीय सुविधाओं व संसाधनों का विकास किया। इसके कारण अनेक स्थानों को विश्व स्तरीय प्रतिष्ठा मिली।

कई अर्थों में ऐतिहासिक साबित हुई नौ नवम्बर की तारीख

देश के बहुचर्चित रामजन्‍मभूमि  मामले में सुप्रीम कोर्ट का बहुप्रतीक्षित फैसला आ चुका है। यह निर्णय वास्‍तव में राष्‍ट्र के हित में आया है, राष्‍ट्र की एकता व अखंडता, सामाजिक सौहार्द्र के पक्ष में आया है। कानूनी निष्‍कर्ष की बात करें तो विवादित भूमि रामलला को दिए जाने और मस्जिद के लिए मुस्लिम पक्षकार सुन्‍नी वक्‍फ बोर्ड को पृथक से निर्माण के लिए 5 एकड़ भूमि दिए

पाकिस्तान में सिख और हिन्दू लड़कियों के जबरन धर्म परिवर्तन पर खामोश क्यों है सेकुलर ब्रिगेड?

एक तरफ पाकिस्तान करतारपुर कॉरिडोर बनवाकर पूरी दुनिया की वाहवाही लेना चाहता है, तो वहीं दूसरी तरफ उसका एक ऐसा सच सामने आया है जिससे पाकिस्तान का असली चेहरा दुनिया के सामने बेनकाब हो गया है। इमरान खान ने प्रधानमंत्री बनने के बाद करतारपुर कॉरिडोर को आनन-फानन में हरी झंडी दी। हालाँकि भारत सरकार की यह लम्बे अर्से से मांग रही थी, लेकिन इस खेल में पंजाब के दलबदलू नेता नवजोत सिंह सिद्धू का पाकिस्तान द्वारा खुलकर इस्तेमाल हुआ।

नागरिकता संशोधन बिल : पड़ोसी देशों के प्रताड़ित अल्‍पसंख्‍यकों की सुध लेती मोदी सरकार

आजादी के बाद पहली बार किसी सरकार ने अफगानिस्‍तान, पाकिस्‍तान, बांग्‍लादेश में धर्मिक भेदभाव और उत्‍पीड़न झेल रहे धार्मिक अल्‍पसंख्‍यकों को भारतीय नागरिकता देने के लिए उदार कानून बनाने की पहल की है। नागरिकता कानून 1955 में संशोधन करते हुए मोदी सरकार ने अफगानिस्‍तान, पाकिस्‍तान और बांग्‍लादेश में हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और इसाई धर्म के मानने वालों को

इस्लामिक मुल्कों में सिखों-हिन्दुओं की हत्या पर ‘सेक्युलर ब्रिगेड’ सन्नाटा क्यों मार जाती है ?

अफ़ग़ानिस्तान में पिछले दिनों जिहादियों ने 15 सिखों और तीन हिन्दुओं को आतंकी हमले में मार दिया। ये सभी लोग अल्पसंख्यको पर बढ़ रहे आतंकी हमलों से चिंतित थे और अफगानी राष्ट्रपति अशरफ गनी से जलालाबाद में मिलने जा रहे थे, वहीं घात लगाकर आतंकियों ने इनपर कायराना हमला किया। ऐसा पहली बार नहीं हुआ है, अफगानिस्तान सहित तमाम

राष्ट्रोदय समागम : हिन्दू चिंतन की कट्टरता से ही होगा मानव का कल्याण !

राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ का मेरठ में आयोजित राष्ट्रोदय समागम केवल संख्या की दृष्टि से अभूतपूर्व नहीं था, बल्कि यहाँ से समरसता, मानवता, शौर्य और राष्ट्रीय भाव का उद्घोष भी हुआ। समाज के सभी वर्गों की इसमें भागीदारी हुई। सर संघचालक मोहन भागवत ने न केवल दुनिया के सामने बढ़ते संकट, तनाव, वैमनस्यता, आतंकवाद आदि समस्याओं का उल्लेख किया, बल्कि इनका समाधान भी बताया। दुनिया की अनेक