यूपी

यूपी : योगी राज में एक-एक कर ध्‍वस्‍त हो रहा अपराधियों का आर्थिक साम्राज्य

अपराध मुक्‍त राज्‍य के वादे के तहत योगी सरकार ने अपराध और अपराधियों के खिलाफ एक और मोर्चा खोल दिया है, जिसमें उसने अब अपराधियों की पाप की कमाई का हिसाब-किताब शुरू कर दिया है।

क़ानून व्यवस्था के मामले में योगी सरकार के मॉडल से अन्य राज्यों को लेनी चाहिए प्रेरणा

योगी सरकार के आने के बाद से ही यूपी अपनी क़ानून-व्यवस्था के लिए चर्चा में बना रहा है। राज्‍य की आंतरिक सुरक्षा को लेकर योगी सरकार जिस तरह सजग है, इसका अंदाज इसी से लगाया जा सकता है कि यहां के नामी गैंगस्टर और गुंडे जान बचाने के लिए दर-ब-दर छिपते फिर रहे हैं।

कोरोना संकट के दौर में यूपी सरकार ने जीता जनता का दिल, मुद्दाविहीन हुआ विपक्ष

हालांकि कोरोना के साथ जंग अभी जारी है, फिर भी सरकार के हौसले के सामने यह महामारी कई मायनों में नियंत्रित दिख रही है।

कोरोना संकट : गरीबों के हितों के साथ-साथ राज्य के विकास को लेकर भी सक्रिय है योगी सरकार

गरीबों-मजदूरों के हितों की चिंता के साथ-साथ योगी राज्य की विकास सम्बन्धी गतिविधियों को लेकर भी सक्रिय हैं। एक्सप्रेस वे व औद्योगिक गलियारे के इस दौरान बाधित हुए कार्य में पुनः तेजी लाने का प्रयास कर रहे हैं।

संन्यासी की परंपरागत छवि बदलते योगी

योगी सरकार के तीन सालों ने ना सिर्फ उनके विरोधियों का मुंह बंद कर दिया बल्कि पार्टी आलाकमान के फैसले पर वो मोहर अंकित कर दी जिसकी मिसाल वर्तमान में शायद ही देखने को मिले।

‘कोरोना से लड़ाई में योगी सरकार की कार्यकुशलता एक आदर्श मॉडल प्रस्तुत कर रही है’

योगी आदित्यनाथ इन श्रमिकों के वर्तमान पर ही ध्यान नहीं दे रहे हैं, बल्कि उनके लिए भविष्य की भी व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है। क्वारंटीन सेन्टर में प्रवासी श्रमिकों की स्किल मैपिंग की जा रही है जिससे होम क्वारंटीन पूरा करने के पश्चात उनके रोजगार की व्यवस्था की जा सके

कोरोना संकट में अपने सधे हुए क़दमों से स्थिति को नियंत्रित रखने में कामयाब योगी सरकार

कोरोना वायरस की महामारी की जकड़ में देश व दुनिया का हर आम व खास है। शहरी क्षेत्रों में संक्रमण के हॉटस्‍पॉट को नियंत्रित करना राज्‍यों के लिए बड़ी चुनौती है। ऐसे में उत्‍तर प्रदेश के लिए यह चुनौती बढ़ जाती है क्‍योंकि यहां जिलों की संख्‍या और आबादी अन्‍य राज्‍यों की तुलना में अधिक है।

‘कोरोना से संघर्ष में योगी आदित्यनाथ ने सिद्ध किया है कि वे वास्तव में कर्मयोगी हैं’

बीते सोमवार की शाम एक दुखद खबर मिली कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ के पिता का एक लम्बी बीमारी के बाद स्वर्गवास हो गया। कोविड-19 के खिलाफ मजबूती से लड़ने वाले मुख्यमंत्री योगी ने ये एलान किया कि लॉकडाउन की वजह से वह अपने पिता की अंतिम क्रिया में नहीं जा सकेंगे बल्कि प्रदेश की 23 करोड़ की जनता के कल्याण के लिये अभी मोर्चे पर डटे रहेंगे।

तीन सालों में स्वास्थ्य और क़ानून व्यवस्था दुरुस्त करने में कामयाब रही योगी सरकार

सरकार का गठन होने के तुरंत बाद उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने किसानों के कर्ज को अपने वायदे के अनुसार माफ़ किया। एंटी रोमियो स्क्वायड के जरिये महिलाओं की सुरक्षा की दिशा में कदम बढ़ाया, वहीं अवैध बूचड़खानों को भी बंद कराया। ये सारे काम एक साथ ऐसे त्वरित गति से होने लगे कि लोगों की उम्मीद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से बढ़ गई

योगी सरकार के तीन वर्ष: विकास के नए आयामों को छूता उत्तर प्रदेश

डेढ़ दशक की जातिवाद, भ्रष्टाचार और गुंडाराज वाले सपा-बसपा शासन से मुक्ति प्राप्त करने के लिए उत्तर प्रदेश की जनता 11 फरवरी 2017 से लेकर 8 मार्च 2017 तक ईवीएम में भाजपा के चुनाव चिन्ह कमल पर बटन दबा रही थी। परिवारवाद को समाजवाद पर हावी करने वाले अखिलेश यादव की सपा, प्रदेश की राजनीति में अप्रासंगिक चुकी कांग्रेस तथा राजनीतिक