विपक्ष

‘खोट ईवीएम में नहीं, विपक्षी दलों की नीयत में है’

लोकसभा चुनाव के पहले चरण का मतदान हो चुका है, लेकिन देश में ईवीएम को लेकर विपक्षी दलों का विलाप थमने का नाम नहीं ले रहा। बीते रविवार को कांग्रेस, आप, टीडीपी आदि विपक्षी दलों द्वारा प्रेसवार्ता में कहा गया कि वे पचास प्रतिशत वीवीपैट पर्चियों का मिलान ईवीएम वोटों से करवाने की मांग लेकर सर्वोच्च न्यायालय में जाएंगे। गौरतलब है कि इससे पूर्व इक्कीस विपक्षी दलों की एक ऐसी ही याचिका को सर्वोच्च न्यायालय खारिज कर चुका है।

मिशन शक्ति: ‘देश अंतरिक्ष की महाशक्ति बन गया और विपक्ष मीनमेख निकालने में लगा है’

भारत ने अंतरिक्ष में मौजूद लो अर्थ सैटेलाइट यानी एलईओ को नष्‍ट कर दिया। ऐसा करने वाले देश अमेरिका, रूस और चीन थे और अब भारत भी इस विशेष समूह में शामिल हो गया है। निश्चित ही सभी देशवासियों के लिए बहुत गर्व का विषय है। इस उपलब्धि के साथ ही देश अमेरिका, रूस और चीन के बाद अंतरिक्ष की चौथी महाशक्ति बन गया है।

मैं भी चौकीदार: मोदी की सकारात्मक राजनीति का एक और उदाहरण

इस अभियान के बाद ‘चौकीदार चोर है’ का नारा उछालने वाले विपक्षियों को सांप सूंघ गया है। उन्हें समझ ही नहीं आ रहा कि इसका क्या जवाब दिया जाए। चौकीदार को चोर कहने पर अब एकसाथ असंख्य चौकीदार जवाब में उतर पड़ रहे हैं। दरअसल ये मोदी की राजनीति है, जो जितनी सकारात्मक भावना से ओतप्रोत है, विपक्ष को जवाब देने में उतनी ही प्रभावी भी है।

रमजान में मतदान पर विपक्षी नेताओं की व्यर्थ सियासत

जो लोग रमजान की तीन तारीखों पर मतदान का विरोध कर रहे हैं, उन्हें मुस्लिम समाज की जमीनी जानकारी नहीं है, या वह किसी अन्य उद्देश्य से विरोध कर रहे हैं। यह अच्छा है कि अनेक मुसलमान ऐसे विरोध को अनुचित बता रहे हैं।

एयर स्ट्राइक : जो भाषा पाकिस्तान बोल रहा, वही हमारे विपक्षी नेता भी बोल रहे हैं!

भारत की एयर स्ट्राइक की गूंज पूरी दुनिया में सुनाई दी। पाकिस्तान में भी हड़कंप मचा। शीर्ष कमांडरों की लगातार बैठक चली। प्रधानमंत्री इमरान  पर भारी दबाब पड़ रहा था। यही कारण था कि पाकिस्तान ने भारत पर हमले के लिए एफ-16 लड़ाकू विमान भेजा था। पाकिस्तान के कई आतंकी सरगना भी  हमले का रोना रो रहे थे।

एयर स्ट्राइक के सबूत मांगने की शर्मनाक राजनीति से बाज आए विपक्ष

पुलवामा हमले के बाद भारतीय सेना ने नियंत्रण पार कर आतंकी ट्रेनिंग कैम्पों पर हमला कर खलबली मचा दी। 26 फरवरी की सुबह भारतीय वायु सेना ने अपने मिराज़ 2000 लड़ाकू विमानों की मदद से नियंत्रण रेखा को पार किया। अगले 19 मिनट तक भारतीय सेना आतंकी ठिकानों पर बम बरसाती रही।

संसद में मोदी ने जो कहा है, उसकी गूँज दूर तक जाएगी!

बीते दिनों संसद के बजट सत्र का समापन हुआ। इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपना महत्‍वपूर्ण भाषण दिया। भाजपा सरकार के मौजूदा कार्यकाल का यह अंतिम भाषण था, इसलिए भी इसका विशेष महत्‍व था। इसमें उन्‍होंने न केवल विपक्ष के समय-समय पर लगाए जाने वाले आरोपों का सिलसिलेवार, तथ्‍यपरक जवाब दिया बल्कि मौजूदा सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए विपक्ष के व्‍यक्तिगत प्रहारों का भी जमकर पलटवार किया।

विपक्ष की नकारात्मक राजनीति के बावजूद मानसून सत्र की रिकॉर्ड सफलता सरकार की बड़ी कामयाबी है!

संसद को लोकतंत्र का मंदिर कहा जाता है, जहाँ जनता द्वारा चुने गए प्रतिनिधि जनता से सरोकार रखने वाले विभिन्न महत्वपूर्ण मुद्दों पर सार्थक बहस करके उनका समाधान निकालते हैं। फिर चाहे वह राज्यसभा हो अथवा लोकसभा, दोनों सदनों में सत्तापक्ष तथा विपक्ष के बीच नोक-झोंक, सहमति-असहमति की प्रक्रिया निरंतर चलती रहती है।

विकास का एजेंडा बनाम विरोध की राजनीति में से चुनना भला किसके लिए मुश्किल होगा !

नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार ने 26 मई को केंद्र में अपने चार साल पूरे कर लिए। एक ऐसे नेता ने जिसने विकास के मुद्दे को 2014 के लोकसभा चुनाव में अपना सबसे बड़ा और कारगर नारा बनाया, आज भी हिंदुस्तान के सबसे लोकप्रिय नेता बने हुए हैं। पिछले लोकसभा चुनाव में उनका नारा था ‘सबका साथ सबका विकास’ जिसने सभी जाति, वर्गों और समुदायों को एक

एससी-एसटी एक्ट : न्यायालय के निर्णय पर विपक्ष की नकारात्मक राजनीति

एससी/एसटी एक्ट पर उच्चतम न्यायालय का निर्णय आने के बाद देश में तनाव की स्थिति पैदा हो गई। कुछ दिनों से अनेक कारणों से न्यायपालिका के निर्णय चर्चा का विषय बन रहे हैं। प्रत्येक केस की स्थिति भिन्न होती है, उसके तथ्य, प्रकरण भी भिन्न होते हैं, ऐसे में, कानूनी तौर पर विशेष ध्यान इस बात पर दिया जाता है कि संबंधित कानूनी प्रक्रिया का सम्यक प्रकार से पालन हुआ है या नहीं। किसी एक घटना या मामले