डाक्टरों के आये अच्छे दिन

केंद्रीय स्वास्थ्य सेवा के सभी डॉक्टर अब 65 साल की उम्र तक अपनी सेवा दे सकेंगे। प्रधानमंत्री की विशेष मंजूरी के साथ इसे मंगलवार से ही प्रभावी कर दिया गया J-P-Nadda-03032015-A_2है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले हफ्ते कहा था कि देश में डॉक्टरों की कमी को देखते हुए जल्दी ही सरकार यह कदम उठाने वाली है।

इस फैसले से केंद्रीय स्वास्थ्य सेवा (सीएचएस) के तीन सब कैडर- शिक्षकेतर, लोक स्वास्थ्य विशेषज्ञ और जनरल ड्यूटी मेडिकल अधिकारी (जीडीएमओ) के लगभग दो हजार डॉक्टरों को फायदा होगा। केंद्रीय स्वास्थ्य सेवा में डॉक्टरों के लगभग चार हजार पद हैं। इनमें से उपरोक्त तीन श्रेणियों के लिए कुल स्वीकृत पद लगभग 2900 हैं जिनमें लगभग एक हजार पद अभी खाली हैं। अध्यापन के काम में लगे डॉक्टरों की रिटायरमेंट उम्र पहले ही बढ़ाई जा चुकी है। इसी तरह शिक्षकेतर और लोक स्वास्थ्य श्रेणी के डॉक्टरों की सेवानिवृत्ति उम्र अभी 62 साल थी जबकि जीडीएमओ अभी 60 साल की उम्र में रिटायर हो रहे थे।

स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने कहा, ‘यह कदम स्वास्थ्य क्षेत्र को मजबूती प्रदान करने में सरकार की मदद करेगा। इससे सरकार ऐसी योजनाओं को यादा प्रभावी ढंग से लागू कर पाएगी जिनमें डॉक्टरों की मदद बहुत जरूरी होती है।’ स्वास्थ्य मंत्रलय ने एक दिन पहले ही यह प्रस्ताव कैबिनेट सचिवालय भेजा था। स्वास्थ्य मंत्रलय ने 31 मई को रिटायर हो रहे डॉक्टरों को भी इस सुविधा का लाभ पहुंचाने के इरादे से प्रधानमंत्री से विशेष तौर पर अनुरोध किया था कि वे कैबिनेट बैठक से पहले ही इसे मंजूरी दे दें। मंगलवार को प्रधानमंत्री ने इसे मंजूरी भी दे दी।

स्त्रोत:jagran.com