चीन

सेमीकंडक्टर क्रांति की ओर अग्रसर होता भारत

सेमीकंडक्टर निर्माण होने से भारत का इलेक्‍ट्रॉनिक्‍स आयात घटेगा और इससे इलेक्‍ट्रॉनिक्‍स उत्‍पादन के लिए नया इको सिस्‍टम तैयार होगा।

मोदी सरकार के प्रयासों से 10 प्रतिशत आर्थिक विकास दर हासिल करने की ओर अग्रसर भारत

विभिन्न क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों के गति पकड़ने के चलते वैश्विक आर्थिक संकट के बावजूद मूडीज ने भारत की क्रेडिट रेटिंग को बरकरार रखा है।

मोदी सरकार के प्रयासों से शिक्षा क्षेत्र में विश्वगुरु बनने की ओर अग्रसर भारत

आज केंद्र सरकार शिक्षा क्षेत्र के लिए न केवल नीतियां बना रही है अपितु इन नीतियों का क्रियान्वयन सफलता पूर्वक हो, इसका भी पूरा पूरा ध्यान रखा जा रहा है।

मोदी सरकार में संशयमुक्त हो राष्ट्रीय हितों का प्रभावी साधन बनी भारतीय विदेश नीति

भारतीय विदेश नीति में यह पहला ऐसा दौर है जब वैश्विक संगठनों, वैश्विक मंचों और बहुराष्ट्रीय घटनाक्रमों में भारत मूकदर्शक नहीं, इनका सक्रिय भागीदार है।

सौ करोड़ टीकाकरण की गौरवशाली उपलब्धि पर भी नकारात्मक राजनीति में जुटा विपक्ष

देश में कोरोना संक्रमण के मद्देनजर चल रहे टीकाकरण अभियान के अन्तर्गत 21 अक्टूबर को कुल सौ करोड़ डोज लगाए जाने का लक्ष्य हासिल किया गया।

भारतीय कूटनीति के नए शिल्पकार मोदी

सात वर्ष के ऐतिहासिक कालखंड में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वैश्विक स्तर पर भारत की सफलता और साख के नए कीर्तिमान गढ़े हैं।

यूएनएससी की खुली परिचर्चा की अध्यक्षता करने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री बने मोदी, बढ़ा देश का गौरव

देश में प्रधानमंत्री मोदी के मजबूत नेतृत्व का असर विश्व में भारत की स्थिति पर भी पड़ा है। अब विश्व बिरादरी के लिए भारत को अनदेखा करना संभव नहीं रह गया है। 

घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा देगी पीएलआई स्‍कीम

दशकों की उपेक्षा से आयात केंद्रित अर्थव्‍यवस्‍था बन चुके देश को विनिर्माण धुरी बनाना आसान नहीं है। इसके लिए बहुआयामी उपाय करने होंगे। पीएलआई उसी प्रकार का उपाय है।

पैंगोंग में चीन का पीछे हटना नए भारत की ताकत को ही दिखाता है

अब चूंकि भारतीय सेना के साहस और सरकार की दृढ़ता के परिणामस्वरूप चीन पीछे हट गया है, ऐसे में विपक्षियों के पास सिवाय खींसे निपोरने के कुछ बचा नहीं है।

‘जो भारत कल तक दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा हथियार आयातक था, अब वो हथियार निर्यात कर रहा है’

आज हमारे देश की अनेक सरकारी कंपनियां विश्व स्तर के हथियार बना रही हैं और भारत विश्व के 42 देशों को रक्षा सामग्री निर्यात कर रहा है।