चीन

मोदी सरकार में संशयमुक्त हो राष्ट्रीय हितों का प्रभावी साधन बनी भारतीय विदेश नीति

भारतीय विदेश नीति में यह पहला ऐसा दौर है जब वैश्विक संगठनों, वैश्विक मंचों और बहुराष्ट्रीय घटनाक्रमों में भारत मूकदर्शक नहीं, इनका सक्रिय भागीदार है।

सौ करोड़ टीकाकरण की गौरवशाली उपलब्धि पर भी नकारात्मक राजनीति में जुटा विपक्ष

देश में कोरोना संक्रमण के मद्देनजर चल रहे टीकाकरण अभियान के अन्तर्गत 21 अक्टूबर को कुल सौ करोड़ डोज लगाए जाने का लक्ष्य हासिल किया गया।

भारतीय कूटनीति के नए शिल्पकार मोदी

सात वर्ष के ऐतिहासिक कालखंड में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वैश्विक स्तर पर भारत की सफलता और साख के नए कीर्तिमान गढ़े हैं।

यूएनएससी की खुली परिचर्चा की अध्यक्षता करने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री बने मोदी, बढ़ा देश का गौरव

देश में प्रधानमंत्री मोदी के मजबूत नेतृत्व का असर विश्व में भारत की स्थिति पर भी पड़ा है। अब विश्व बिरादरी के लिए भारत को अनदेखा करना संभव नहीं रह गया है। 

घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा देगी पीएलआई स्‍कीम

दशकों की उपेक्षा से आयात केंद्रित अर्थव्‍यवस्‍था बन चुके देश को विनिर्माण धुरी बनाना आसान नहीं है। इसके लिए बहुआयामी उपाय करने होंगे। पीएलआई उसी प्रकार का उपाय है।

पैंगोंग में चीन का पीछे हटना नए भारत की ताकत को ही दिखाता है

अब चूंकि भारतीय सेना के साहस और सरकार की दृढ़ता के परिणामस्वरूप चीन पीछे हट गया है, ऐसे में विपक्षियों के पास सिवाय खींसे निपोरने के कुछ बचा नहीं है।

‘जो भारत कल तक दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा हथियार आयातक था, अब वो हथियार निर्यात कर रहा है’

आज हमारे देश की अनेक सरकारी कंपनियां विश्व स्तर के हथियार बना रही हैं और भारत विश्व के 42 देशों को रक्षा सामग्री निर्यात कर रहा है।

मुक्‍त व्‍यापार को भारतीय हितों के अनुकूल ढाल रही है मोदी सरकार

मोदी सरकार मुक्‍त व्‍यापार नीतियों को इस तरह तर्कसंगत बना रही है ताकि वे भारतीय अर्थव्‍यवस्‍था के लिए फायदे का सौदा बनें।

भारत-अमेरिका के बीच हुआ ऐतिहासिक बेका समझौता, चीन-पाक की बढ़ेंगी मुश्किलें

BECA समझौते का सीधा संबंध देश की सामरिक शक्ति से जुड़ा है। इस समझौते के बाद देश अमेरिका की क्रूज मिसाइलों-बैलिस्टिक मिसाइलों की तकनीक हासिल कर सकेगा।

चीन को खदेड़ने के लिए पंद्रह मिनट मांगने वाले राहुल की कांग्रेस साठ सालों तक क्या कर रही थी ?

चीन को खदेड़ने के लिए 15 मिनट मांगने वाले राहुल गांधी को पहले पिछले साठ सालों में कांग्रेसी सरकारों द्वारा की गई भूलों पर देश से माफी मांगनी चाहिए।