भारतीय अर्थव्यवस्था

मोदी सरकार के प्रयासों से 10 प्रतिशत आर्थिक विकास दर हासिल करने की ओर अग्रसर भारत

विभिन्न क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों के गति पकड़ने के चलते वैश्विक आर्थिक संकट के बावजूद मूडीज ने भारत की क्रेडिट रेटिंग को बरकरार रखा है।

दहाई अंक की जीडीपी वृद्धि दर पाने की दिशा में अग्रसर भारतीय अर्थव्यवस्था

महामारी के बाद भी भारतीय अर्थव्यवस्था बहुत ही जल्द न सिर्फ रिकवरी करने में कामयाब रही, बल्कि दहाई अंक के जीडीपी आंकड़ा को छूने की दिशा में अग्रसर हो गई है।  

वैश्विक स्तर पर मजबूत होती भारतीय अर्थव्यवस्था

कोरोना महामारी की वजह से अनेक देशों की अर्थव्यवस्था तहस-नहस हो गई है, लेकिन भारत में सरकार की समीचीन नीतियों और आमजन में बढ़ती जागरूकता की वजह से भारतीय अर्थव्यवस्था तेज गति से आगे बढ़ रही है।

मोदी सरकार के प्रयासों से भारतीय अर्थव्यवस्था में विदेशी व्यापार का बढ़ रहा योगदान

भारत सरकार ने हाल ही में उत्पादन आधारित प्रोत्साहन योजना प्रारम्भ की है तथा निर्यातकों को अन्य प्रकार के प्रोत्साहन आदि भी दिए जा रहे हैं।

बैड बैंक से फँसे कर्ज की वसूली की राह होगी आसान

एक अनुमान के अनुसार बैड बैंक 5 लाख करोड़ से अधिक के फंसे कर्ज के समाधान में कारगर हो सकती है। साथ ही, इसके दूसरे भी फ़ायदे हैं।

कोरोना संकट से उबरते हुए भारतीय अर्थव्यवस्था ने लगाई ऊंची छलांग

वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) की वसूली में तो लगातार वृद्धि देखने में आ रही है एवं यह अब प्रति माह एक लाख करोड़ रुपए से अधिक के स्तर पर पहुंच गई है।

आर्थिक सुस्ती के सभी पूर्वानुमानों को नकारते हुए तेजी से आगे बढ़ रही है भारतीय अर्थव्यवस्था

कोरोना संकट का भारतीय अर्थव्यवस्था पर जिस तरह का दीर्घकालिक नकारात्मक प्रभाव पड़ने की आशंका आर्थिक विश्लेषक जता रहे थे, वो गलत साबित होती नजर आ रही है।

आत्मनिर्भर भारत को साकार करने के लिए कई स्तरों पर जुटी है मोदी सरकार

भारतीय अर्थव्यवस्था को आत्मनिर्भर और लोकल से ग्लोबल बनाने के उद्देश्य से सरकार द्वारा बहुत ही तेज़ी से कई प्रकार के आर्थिक निर्णय लिए जा रहे हैं।

केंद्र सरकार द्वारा किए जा रहे उपायों से भारतीय अर्थव्यवस्था का बदलता स्वरूप

कोरोना वायरस महामारी के बाद भारतीय अर्थव्यवस्था का स्वरूप कुछ बदलने की राह पर जाता दिखाई दे रहा है।

लाल किले की प्राचीर से आत्मनिर्भर भारत का संदेश

आत्मनिर्भर भारत की दिशा में आगे बढ़ने के लिए नई शिक्षा नीति का एक बड़ा योगदान होगा, लेकिन यह कुछ महीनों में हासिल होगा, ऐसा हमें नहीं सोचना चाहिए।