डॉ दिलीप अग्निहोत्री

भाजपा : एक विचार की विजय यात्रा

1980 में भारतीय जनता पार्टी की स्थापना हुई और इसका प्रथम अधिवेशन मुम्बई में आयोजित किया गया। इस अधिवेशन में पार्टी के अध्यक्ष के रूप में अटल बिहारी वाजपेयी का भाषण ऐतिहासिक था। इसमें उन्होंने जो भविष्यवाणी की थी, वो आज सत्य सिद्ध हो चुकी है।

कभी गोत्र बताकर तो कभी मंदिर जाकर खिसकती जमीन बचाने की कोशिश में जुटीं ममता

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी जो जय श्री राम के उद्घोष से नाराज हो जाती थीं, अब अपना गोत्र बताने लगी हैं।

योगी सरकार के उपलब्धियों भरे शानदार चार साल

योगी आदित्यनाथ का यह दावा सही ही लगता है कि सपा, बसपा व कांग्रेस की सरकारों की तुलना में भाजपा सरकार के चार वर्ष भारी है।

विरोधियों के लिए नामुमकिन है मोदी को समझना

उनका जितना विरोध होता है, जितना अपशब्दों का प्रयोग किया जाता है, उतना ही वह आगे बढ़ते जाते हैं। विपक्ष देखता रह जाता है, नरेंद्र मोदी आगे निकल जाते हैं।

किसान हितों को समर्पित है मोदी सरकार, इसलिए अप्रासंगिक हुआ कथित किसान आंदोलन

किसानों की आय बढ़ाने और उनकी स्थिति में सुधार लाने के लिए मोदी सरकार ने अनेक कदम उठाए हैं। ये कृषि कानून भी इसीकी एक कड़ी हैं।

पश्चिम बंगाल : भाजपा की परिवर्तन यात्रा ने बढ़ाई ममता की परेशानी

भाजपा की इस परिवर्तन यात्रा को बंगाल चुनाव की बड़ी तैयारी के रूप में देखा जा रहा है। इस यात्रा के माध्यम से व्यापक जनसंपर्क अभियान को गति प्रदान की जाएगी।

स्टेचू ऑफ़ यूनिटी को देश से जोड़ने वाली आठ ट्रेनों का शुभारंभ, पीएम मोदी ने दिखाई हरी झण्डी

नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत के इतिहास में ये पहली बार हुआ है कि एक साथ किसी खास जगह पर जाने के लिए आठ ट्रेनों को हरी झंडी दिखाई गई है।

कोरोना काल में योगी सरकार के प्रबंधन की दुनिया भर में हो रही प्रशंसा

टाइम मैगजीन के लेख में यूपी में कोरोना संक्रमण से हुई मौतों पर नियंत्रण और रिकवरी दर में लगातार वृद्धि को लेकर योगी सरकार के प्रयासों की तारीफ की गई है।

ईडीएफसी : आधुनिक कनेक्टिविटी की दिशा में महत्वपूर्ण पहल

आज भारत दुनिया की बड़ी आर्थिक ताकत बन रहा है। पिछले छह साल में भारत में आधुनिक कनेक्टविटी के मोर्चे पर शानदार काम हुआ है और हो रहा है।

कृषि सुधार कानूनों को लेकर किसानों में भ्रम फैलाने का राजनीतिक कुचक्र

ये आंदोलन सीमित क्षेत्र में है, जबकि देशभर के बहुसंख्यक किसान कृषि सुधारों के पक्ष में हैं। अतः जो राजनीति करने पर तुले हुए लोग हैं, जो किसानों के कंधों पर बंदूकें रखकर राजनीति कर रहे हैं, देश के सारे जागरुक किसान उनको भी परास्त करके रहेंगे।