डॉ दिलीप अग्निहोत्री

योजनाबद्ध ढंग से आपदा को अवसर बनाने में जुटी योगी सरकार

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आपदा को अवसर में बदलने का मंसूबा बनाया है। कोरोना से मुकाबले की उनकी कार्ययोजना इसका प्रमाण है।

‘कोरोना से लड़ाई में योगी सरकार की कार्यकुशलता एक आदर्श मॉडल प्रस्तुत कर रही है’

योगी आदित्यनाथ इन श्रमिकों के वर्तमान पर ही ध्यान नहीं दे रहे हैं, बल्कि उनके लिए भविष्य की भी व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है। क्वारंटीन सेन्टर में प्रवासी श्रमिकों की स्किल मैपिंग की जा रही है जिससे होम क्वारंटीन पूरा करने के पश्चात उनके रोजगार की व्यवस्था की जा सके

कोरोना से जंग में योगी सरकार के कार्य अन्य राज्यों के लिए प्रेरणादायक हैं

लॉक डाउन की शुरुआत के समय से ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आपदा राहत अभियान शुरू कर दिया था। उन्होंने गरीबों को राशन, भरण पोषण भत्ता, कम्युनिटी किचेन, प्रवासी श्रमिकों व विद्यर्थियो की वापसी, आश्रय स्थलों के निर्माण, कोरोना जांच व इलाज के लिए अस्पतालों में विशेष व्यवस्था आदि की दिशा अनेक कारगर कदम उठाये हैं।

कोरोना के अंधकार के विरुद्ध प्रकाश का प्रदर्शन हमारी एकता तो दिखाएगा ही, मनोबल भी बढ़ाएगा

कोरोना की आपदा से निपटने के लिए सरकार सभी आवश्यक कदम उठा रही है, लेकिन बाकी सब चीजों के अलावा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राष्ट्रीय एकता को भी इस लड़ाई में कोरोना को परास्त करने के लिए जरूरी चीज मानते हैं। इस एकता के प्रदर्शन के लिए ही उन्होंने रविवार को रात नौ बजे नौ मिनट तक सभी से अपने द्वार पर प्रकाश करने का आह्वान किया है।

तीन मोर्चों पर कोरोना से लड़ रही मोदी सरकार, नागरिकों की भी है बड़ी जिम्मेदारी

कोरोना विश्वव्यापी संकट है। इससे प्रभावित देश अपने अपने तरीके से बचाव का प्रयास कर रहे हैं। अमेरिका सहित कई देशों ने स्वास्थ्य आपात काल लागू किया है। इधर भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक साथ तीन मोर्चो पर कार्य कर रहे हैं। उंन्होने विश्व समुदाय को साझा रणनीति बनाने का सुझाव दिया। यह वादा किया कि भारत इसमें अपनी भूमिका का निर्वाह करेगा। दूसरा

बुंदेलखंड के बहुमुखी विकास को गति देगा बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे

कुछ वर्ष पहले तक उत्तर प्रदेश एक्सप्रेस वे के मामले में पीछे था। जबकि विकास को गति देने और यात्रा को सुगम बनाने के लिए इनकी बहुत आवश्यकता थी। लेकिन केवल यात्रा के समय को घटाने तक एक्सप्रेस वे का निर्माण सीमित नहीं हो सकता। इसके साथ औद्योगिक बेल्ट का निर्माण होना चाहिए। सुरक्षा के समुचित तकनीकी प्रबंध भी अपरिहार्य होते हैं। योगी आदित्यनाथ

ट्रंप के आगमन से मिला भारत-अमेरिका संबंधों को नया फलक

समय बलवान होता है। एक समय था जब भारत के ही कई सांसदों ने नरेंद्र मोदी को वीजा ना देने का अमेरिका से लिखित निवेदन किया था, एक यह समय है जब मोदी के नेतृत्व में अमेरिका और भारत के रिश्ते सर्वाधिक बुलंद हुए हैं। इसकी शुरुआत नरेंद्र मोदी के पहले कार्यकाल में हो चुकी थी। उस समय बराक ओबामा अमेरिका के राष्ट्रपति थे। उन्होंने कतिपय भारतीय

योगी सरकार ने पेश किया प्रदेश के इतिहास का सबसे बड़ा बजट, युवाओं-गरीबों पर विशेष ध्यान

उत्तर प्रदेश की कमान संभालने के बाद योगी आदित्यनाथ ने समग्र विकास पर फोकस किया था। इसके अनुरूप उन्होंने माहौल का निर्माण किया, प्रशासनिक मशीनरी को इस दिशा में सक्रिय किया। यही कारण है कि उत्तर प्रदेश को इन तीन वर्षों में रिकार्ड निवेश प्रस्ताव मिले, इतना ही नहीं निवेश पर शिलान्यास का भी रिकार्ड कायम हो गया। तीन एक्सप्रेस वे का निर्माण कार्य जारी

डिफेंस एक्सपो 2020 : रक्षा क्षेत्र में नए भारत के सामर्थ्य और समृद्धि का प्रतीक

करीब ढाई वर्षों में ही अनेक विश्व स्तरीय आयोजनों में योगी सरकार ने अपना कौशल प्रमाणित किया है। इस सूची में डिफेंस एक्सपो भी शामिल हुआ। जिस प्रकार पिछले प्रयागराज कुम्भ में सर्वाधिक श्रद्धालु आये थे, उसी प्रकार यह अब तक का सबसे बड़ा डिफेंस एक्सपो था। शामिल होने वाले प्रतिनिधियों, प्रदर्शनी,सेमिनार,समझौते आदि की दृष्टि से यह अभूतपूर्व था। इसी के

डिफेंस एक्सपो 2020 : भारत को रक्षा उपकरणों का ‘मैन्युफैक्चरिंग हब’ बनाने की पहल

सामरिक क्षेत्र में भारत की भागीदरी पिछले करीब पांच-छः वर्षों में बढ़ी है। अब कोई भी देश भारत को नजरअंदाज करने की स्थिति में नहीं है। भले भारत अभी संयुक्त राष्ट्र संघ की सुरक्षा परिषद का स्थायी सदस्य नहीं है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय मसलों पर उंसकी भूमिका महत्वपूर्ण रहती है। नरेंद्र मोदी सरकार ने इस क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है।