सेना

सेना पर भरोसा नहीं है क्या कि सर्जिकल स्ट्राइक का वीडियो मांग रहे हैं केजरीवाल ?

देश का दुर्भाग्य है कि यहाँ के नेता और बुद्धिजीवी राष्ट्रीय मुद्दों पर भी बेतुकी बयानबाजी करने से बाज नहीं आते हैं। वक्त की नजाकत कहती है कि इस वक्त भारत और पाकिस्तान के संबंध में बहुत संभलकर बोलने की जरूरत है। इस वक्त कोई भी विचार प्रकट करते वक्त यह ध्यान रखना ही चाहिए कि उसका क्या असर होगा ? कहीं हमारा विचार दुश्मन देश को मदद न पहुँचा दे। अपने किसी भी बयान से भारत सरकार,

आतंकवाद के पनाहगार पाकिस्तान ने देखा छप्पन इंच की छाती का दम!

आतंकवाद को पनाह देने वाले देश पाकिस्तान और पाकिस्तान के आतंकवादियों को करारा जवाब देने के लिए मोदी सरकार ने आख़िरकार वह कदम भी उठा ही लिया, जिसकी नरम देश समझे जाने वाले भारत से शायद किसी को उम्मीद नहीं रही होगी। भारत ने पीओके में दो किलोमीटर अंदर तक घुसकर आतंकवादियों के सात लॉन्च

मोदी सरकार की बड़ी सामरिक सफलता है लिमोआ समझौता, चीन-पाक हुए हलकान!

गत दिनों भारत और अमेरिका के बीच लॉजिस्टिक्स एक्सचेंज मेमोरेंडम ऑफ एग्रीमेंट (LEMOA) यानी लिमोआ समझौता संपन्न हुआ। भारतीय रक्षामंत्री मनोहर पर्रीकर और अमेरिकी सुरक्षा सचिव एश्टन कार्टर ने इस समझौते पर हस्ताक्षर कर सैद्धांतिक तौर पर इसे अंतिम रूप दिया। ज्ञात हो कि बीते जून में जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अमेरिका गए थे, तब उसने भारत को प्रमुख रक्षा सहयोगी का दर्जा दिया था। यह

सामरिक सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है लिमोआ समझौता!

रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर ने 29 अगस्त को अमरीका में लॉजिस्टिक्स एक्सचेंज मेमोरेण्डम ऑफ़ एग्रीमेंट (LEMOA) पर हस्ताक्षर किये हैं। यह समझौता सामरिक दृष्टिकोण से एक अलग तरह का महत्व रखता है। इस समझौते पर हस्ताक्षर करने से भारत और अमेरिका दुनिया भर में फैले एक दूसरे के सैन्य ठिकानों से रसद सहायता साझा कर सकेंगे।