रमेश कुमार दुबे

दवाओं और मेडिकल उपकरणों का घरेलू उत्‍पादन बढ़ाने की कवायद

भले ही भारतीय डॉक्‍टरों का दुनिया भर में डंका बज रहा हो लेकिन बल्‍क दवाएं और मेडिकल उपकरण दो ऐसे क्षेत्र हैं जहां भारत की आयात पर निर्भरता बहुत अधिक है। गौरतलब है कि भारत बल्‍क दवाओं की अपनी जरूरतों का 70 प्रतिशत आयात करता है जिसमें सबसे ज्‍यादा आयात चीन से होता है।

राजनीतिक जमीन खोती जा रही बहुजन समाज पार्टी

समय बहुत बलवान होता है इस कहावत बहुजन समाज पार्टी की अध्‍यक्ष मायावती से अधिक कोई नहीं समझ सकता। जिस बहुजन समाज पार्टी से गठबंधन के लिए कभी राष्‍ट्रीय दल लाइन लगाए रहते थे वही बसपा अब अपने अस्‍तित्‍व के लिए जूझ रही है। उत्‍तर प्रदेश में हुए विधानसभा उप चुनाव में मिली करारी शिकस्‍त ने बसपा प्रमुख मायावती की नींद उड़ा दी है। उन्‍हें डर लगा

पूर्वोत्तर को देश के विकास से जोड़ने में कामयाब रहे प्रधानमंत्री मोदी

आजादी के बाद से ही सरकारों ने पूर्वोत्‍तर भारत के मन को समझने का प्रयास नहीं किया। इतना ही नहीं, इस संवेदनशील क्षेत्र में सरकारें अलगाववादी गुटों को बढ़ावा देकर राजनीतिक रोटी सेंकने से भी बाज नहीं आई। आजादी के बाद पहली बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूर्वोत्‍तर को शेष भारत से एकाकार करने का ठोस जमीनी उपाय कर रहे हैं।

मुफ्तखोरी की राजनीति का नया रिकॉर्ड बना रहे केजरीवाल

ईमानदार राजनीति के जरिए व्‍यवस्‍था बदलने का ख्‍वाब दिखाने वाले दिल्‍ली के मुख्‍यमंत्री अरविंद केजरीवाल मुफ्तखोरी की राजनीति को नया आयाम देने में जुटे हैं। पिछले साढ़े चार साल से प्रधानमंत्री से लेकर उप राज्‍यपाल तक पर काम न करने देने का आरोप लगाने वाले केजरीवाल अब मुफ्तखोरी की राजनीति कर रहे हैं।

आरसेप प्रकरण : एकबार फिर साबित हो गया कि देश सुरक्षित हाथों में है

लंबे अरसे से मोदी सरकार को घेरने में जुटी कांग्रेस को एक बार फिर निराशा हाथ लगी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने समग्र क्षेत्रीय व्‍यापार समझौते (आरसीईपी-आरसेप) पर केंद्र सरकार के सलाहकार की सिफारिशों को ठुकराते हुए आरसेप पर हस्‍ताक्षर करने से इंकार कर दिया।

लगातार राजनीतिक जमीन खो रही है आम आदमी पार्टी

पंजाब, गोवा, गुजरात, छत्‍तीसगढ़, राजस्‍थान, मध्‍य प्रदेश के बाद अब हरियाणा और महाराष्‍ट्र में भी आम आदमी पार्टी को करारी शिकस्‍त मिली है। साल भर पहले पार्टी ने हरियाणा में विधानसभा चुनाव पूरे दमखम से लड़ने का ऐलान किया था और नवीन जयहिंद को मुख्‍यमंत्री पद का उम्‍मीदवार भी घोषित कर दिया था। इसके बावजूद आम आदमी पार्टी ने विधानसभा की 90 में से

कांग्रेस आलाकमान के लिए शुभ संकेत नहीं हैं हरियाणा-महाराष्ट्र के चुनावी नतीजे

2014 के लोक सभा चुनाव में मिली करारी हार के बाद से ही कांग्रेस हाईकमान के खिलाफ आवाज उठनी शुरू हो गईं थी लेकिन चाटुकार संस्‍कृति के हावी होने के कारण विरोध की आवाज दब गई। जिन नेताओं ने बागी तेवर दिखाया उन्‍हें बाहर का रास्‍ता दिखा दिया गया। इसके बाद कई राज्‍यों में कांग्रेस को करारी हार का सामना पड़ा लेकिन हाईकमान संस्‍कृति के खिलाफ बोलने का दुस्साहस बहुत कम कांग्रेसियों ने दिखाया।

इलेक्‍ट्रॉनिक्‍स निर्माण की धुरी बनने की ओर बढ़ता भारत

वोट बैंक की राजनीति करने वाली पिछली कांग्रेसी सरकारों ने भारत में नवोन्‍मेषी संस्‍कृति के विकास की ओर कभी ध्‍यान ही नहीं दिया। उनका पूरा जोर दान-दक्षिणा वाली योजनाओं पर रहता था ताकि वोट बैंक की राजनीति चलती रहे। इस स्थिति को बदलने के लिए मोदी सरकार ने शोध व विकास संस्‍थानों, विश्‍वविद्यालयों और निजी क्षेत्र से देश को इनोवेशन हब में बदलने का आह्वान किया है। 

सिमटते दायरे के बावजूद आत्‍ममंथन से कतराती कांग्रेस

कांग्रेस पार्टी आज अपने अस्‍तित्‍व के लिए संघर्ष कर रही है। 2017 में जब राहुल गांधी कांग्रेस अध्‍यक्ष बने थे तब देश को उम्‍मीद थी कि अब कांग्रेस में एक नए युग का सूत्रपात होगा और पार्टी पुरानी सोच से आगे बढ़ेगी। लेकिन 2019 के लोकसभा चुनाव में पार्टी को मिली करारी शिकस्‍त के बाद राहुल गांधी ने कांग्रेस अध्‍यक्ष पद से त्‍यागपत्र दे दिया

वन नेशन-वन ग्रिड से आएगी बिजली क्रांति

मोदी सरकार अब देश के समूचे परिवहन तंत्र को पेट्रोल-डीजल के बजाए बिजली आधारित करने की महत्‍वाकांक्षी योजना पर काम कर रही हैं ताकि पेट्रोलियम पदार्थों के आयात में कमी लाई जा सके। सरकार ने 2020-21 तक रेलवे के समूचे ब्रॉडगेज नेटवर्क के विद्युतीकरण का लक्ष्‍य रखा है।