रमेश कुमार दुबे

जनहित की योजनाओं के समयबद्ध क्रियान्वयन में कामयाब रहे प्रधानमंत्री मोदी

पिछले सात वर्षों में भारत को गरीबी उन्मूलन में जो सफलता मिली है उसमें सबसे बड़ा योगदान योजनाओं के समयबद्ध क्रियान्वयन का है।

दुनिया भर में देश का मान बढ़ाते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

इस विश्वव्यापी समर्थन को देखते हुए ही मोदी ने फिजी में कहा कि भारत विश्व गुरु की भूमिका निभाएगा और अपने ज्ञान शक्ति से विश्व का नेतृत्व करेगा।

जनजातियों को गौरव दिलाने के साथ-साथ विकास की मुख्य धारा से भी जोड़ रही मोदी सरकार

मोदी सरकार न केवल जनजातियों को उनका गौरव वापस दिला रही है बल्कि उन्हें विकास की मुख्य धारा से जोड़ रही है ताकि वे बाजार अर्थव्यवस्था के साथ कदम ताल कर सकें।

योगी सरकार के शासन में बहुमुखी विकास की दिशा में अग्रसर उत्तर प्रदेश

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्‍तर प्रदेश अब जातिवादी और परिवारवादी राजनीति से बाहर निकलकर विकास की राजनीति के दौर में आ चुका है।

मोदी सरकार के प्रयासों से अभिजात्‍यता से मुक्‍त होकर असली नायकों तक पहुँच रहे पद्म सम्मान

पिछले सात साल में इस तरह के सैकड़ों उदाहरण मिल जाएंगे जहां ऐसे गुमनाम योद्धाओं को पद्म पुरस्‍कार दिए गए जिनका सत्‍ता पक्ष या किसी खास विचारधारा से कोई संबंध नहीं रहा है।

योगी राज में ग्लोबल सिटी बनने की ओर बढ़ता नोएडा

नोएडा में पिछले साढ़े चार वर्षों में रिकॉर्ड तोड़ 64,362 करोड़ रूपये का निवेश आया है। इस निवेश से नोएडा में 4,84,922 लोगों को रोजगार मिला।

स्वामित्व योजना : ग्रामीण आत्मनिर्भरता की दिशा में बड़ी पहल

सामाजिक आर्थिक रूप से सशक्त और आत्‍मनिर्भर ग्रामीण भारत को बढ़ावा देने के लिए प्रधानमंत्री ने 24 अप्रैल 2020 को स्‍वामित्‍व योजना शुरुआत की थी।

कथित किसान आंदोलन की आड़ में राजनीतिक जमीन बचाने की कवायद में विपक्ष

यह आंदोलन मोदी-योगी विरोधियों के लिए अपनी राजनीतिक जमीन बचाने का दांव बन गया है। लेकिन जनता सब देख भी रही है और समझ भी रही है, इसलिए विरोधियों का यह दांव चलने वाला नहीं है।

देश में उच्‍च शिक्षा को बढ़ावा देने में कामयाब हो रही मोदी सरकार

सरकार देश में उच्‍च शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए नौ शहरों में उच्‍च शिक्षा के केंद्र बना रही है ताकि यहां विदेशी छात्र भारतीय संस्‍थानों की ओर आकर्षित हों।

किसान हित नहीं, राजनीतिक उद्देश्यों पर आधारित है किसान आंदोलन

नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद खेती की बदहाली दूर करने के लिए कई योजनाएं लागू की गईं और हर किसान के खाते में सालाना 6000 रूपये भेजे जाने लगे।