मोदी सरकार की नीतियों से बड़ी आर्थिक महाशक्ति बनने की ओर अग्रसर भारत
भरपूर सम्भावना व्यक्त की जा रही है कि वर्ष 2030 के पूर्व भारत अमेरिका एवं चीन के बाद विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगा।
वैश्विक अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था में बढ़ती भारत की भागीदारी
अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में भारत की साख बढ़ाने का प्रमुख कारण यह है कि पिछले एक दशक में इस क्षेत्र में विकास के अनेक नए आयाम स्थापित किए गए हैं।
प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारतीय संस्कृति वैश्विक अर्थव्यवस्था का केंद्र बिंदु बनने की ओर अग्रसर
भारतीय सनातन संस्कृति का पालन करते हुए भारत के आर्थिक विकास को देखकर अब विकसित देश भी भारतीय संस्कृति की ओर आकर्षित हो रहे हैं..
भारत में तेज गति से बढ़ रही है नागरिकों की औसत आय
2014 में आय कर विवरणियां दाखिल करने वाले नागरिकों की औसत आय 4.4 लाख रुपए थी जो वित्तीय वर्ष 2023 में तीन गुना से भी अधिक बढ़कर 13 लाख रुपए हो गई है।
मजबूती से बढ़ रही भारतीय अर्थव्यवस्था, चीन की अर्थव्यवस्था में सुस्ती का भी मिल सकता है लाभ
भारत की आंतरिक अर्थव्यवस्था में लगातार सुधार हो रहा है जिसके चलते भारत की विकास दर वित्तीय वर्ष 2023-24 के प्रथम तिमाही में 7.8 प्रतिशत रही है।
ब्याज दरों में संतुलन से देश की विकास दर को मजबूत बनाए रखने में मिल रही सफलता!
विपरीत परिस्थितियों के बीच भी कई विकसित देश (विशेष रूप से अमेरिका एवं यूरोपीय देश) अभी भी ब्याज दरों को बढ़ाते जा रहे हैं। परंतु, भारतीय रिजर्व बैंक ने
विश्व की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में केवल भारत ही एक चमकते सितारे के रूप में दिखाई दे रहा है!
विश्व बैंक, अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष, यूरोपीयन यूनियन आदि द्वारा लगातार यह कहा जा रहा है कि पूरे विश्व में इस समय सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में केवल भारत…
विदेशी संस्थागत निवेशकों का भारतीय स्टॉक बाजार में बढ़ रहा है निवेश
भारत की अर्थव्यवस्था में आज लगभग किसी भी प्रकार की कोई समस्या नहीं है, जिसके चलते भारत का स्टॉक बाजार नित नई ऊंचाईयां हासिल करता दिखाई दे रहा है।
प्रधानमंत्री मुद्रा योजना ने सृजित किए हैं रोजगार के करोड़ों नए अवसर
प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के अंतर्गत उपलब्ध कराए गए कुल ऋणों में लगभग 40 प्रतिशत उद्यमी ऐसे हैं जिन्होंने प्रथम बार कोई उद्यम प्रारम्भ किया है।
मोदी सरकार के प्रयासों से दुगुनी हो रही किसानों की आय
प्राकृतिक आपदा में किसानों की फसल बर्बाद होने की स्थिति में बीमा कम्पनी द्वारा प्रभावित किसानों को हुए आर्थिक नुकसान की क्षतिपूर्ति की जाती है।