प्रहलाद सबनानी

भारत बन रहा है दुनिया का फार्मेसी हब

भारत अब औषधियों के उत्पादन के क्षेत्र में विश्व में प्रमुख भूमिका निभा रहा है और इस क्षेत्र में विश्व का लीडर बनने की राह पर चल पड़ा है।

मील का पत्थर साबित होगी मोदी सरकार द्वारा राष्ट्रीय भूमि मौद्रीकरण निगम की स्थापना

राष्ट्रीय भूमि मौद्रीकरण निगम की स्थापना का उद्देश्य यह है कि उपयोग में नहीं आ रही पूरी भूमि का लाभकारी उपयोग देश हित में किया जा सके।

तेजी से बढ़ रही भारत की आर्थिक विकास दर

देश की आर्थिक विकास दर को बल देने के उद्देश्य से केंद्र सरकार लगातार कई कदम उठा रही है जिसका अच्छा प्रभाव देश में लगातार तेज हो रही आर्थिक विकास दर के रूप में दिखाई भी दे रहा है।

भारत के विदेशी व्यापार को गति देने में सहायक होंगे मुक्त व्यापार समझौते

मुक्त अथवा क्षेत्रीय व्यापार समझौतों के कारण, विदेशी व्यापार में वृद्धि होने से, इन देशों की आय में वृद्धि होती है, रोजगार के अवसर बढ़ते हैं तथा गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन कर रहे व्यक्तियों की संख्या में कमी होती है।

आकांक्षी जिला कार्यक्रम से देश के विकास को मिल रही है रफ्तार

युनाईटेड नेशंस (UN) ने अपने एक प्रतिवेदन में भारत में लागू किए गए आकांक्षी जिला कार्यक्रम की मुक्त कंठ से सराहना की है एवं दुनिया के अन्य हिस्सों में भी इसे अपनाने की सिफारिश की है।

भारतीय अर्थव्यवस्था की विकास दर के लम्बे समय तक मजबूत बने रहने की दिख रही संभावना

भारतीय अर्थव्यवस्था को डिजिटल बनाने में मदद मिल रही है। कोरोना महामारी के दौर में अप्रेल 2020 के बाद से देश में डिजिटल भुगतान बहुत तेजी के साथ बढ़े हैं।

डिजिटल इंडिया के माध्यम से क्रांतिकारी परिवर्तन के दौर से गुजर रहा है भारत

डिजिटल इंडिया के माध्यम से किसानों को अपनी फसल अंतरराष्ट्रीय बाजार में बेचने हेतु भी सक्षम बनाया जा रहा है।

पूंजी निवेश को बढ़ाकर रोजगार निर्मित करने वाला बजट

2021-22 के आम बजट में किए गए कुल खर्चों 34.83 लाख करोड़ रुपए के प्रावधान के बाद अब वित्तीय वर्ष 2022-23 के बजट में कुल खर्चों को बढ़ाकर 39.45 लाख करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।

एक लाख करोड़ अमेरिकी डॉलर के निर्यात की ओर अग्रसर भारत

वित्तीय वर्ष 2022-23 में भारत से वस्तुओं एवं सेवाओं का निर्यात 100,000 करोड़ अमेरिकी डॉलर के आंकड़े को पार कर सकता है, जो कि अपने आप में एक इतिहास रच देगा।

जयंती विशेष : ‘यदि भारत को जानना चाहते हैं, तो स्वामी विवेकानंद को पढ़िए’

स्वामी जी ने अमेरिका, इंग्लैंड और यूरोपीयन देशों में  कई निजी एवं सार्वजनिक व्याख्यानों का आयोजन कर महान हिन्दू संस्कृति के सिद्धांतों का प्रचार प्रसार किया एवं उसे सार्वभौमिक पहचान दिलवाई।