नजरिया

अफ्रीकी दिवस पर स्वामी विवेकानंद के विश्व बंधुत्व की अवधारणा को याद करना जरूरी है

स्वामी विवेकानंद की दृष्टि आधुनिक समय में एक प्रकाशस्तंभ के रूप में कार्य करती है। उन्हें अफ्रीकी देशों के लिए सत्य का स्रोत माना जाता है।

महात्मा गांधी ने लिखा है कि स्वामीजी के कार्यों को पढ़कर उनकी देशभक्ति हजार गुणा बढ़ गई!

स्वामी विवेकानंद का प्रभाव अनेक ऐसे नेताओं पर रहा जिनकी स्वाधीनता आंदोलन में सक्रिय सहभागिता रही। भले वह उनके जीवन काल के दौरान हो या बाद में।

सनातन परम्परा के ध्वजवाहक थे बुद्ध

तथागत बुद्ध सनातन परम्परा और भारतीय अध्यात्म के वो स्तम्भ थे जिन्होंने कभी सनातन मूल्यों को अस्वीकार नहीं किया।

नए क्षितिज पर भारत-फ्रांस संबंध

बीते दिनों प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की मुलाकात ने दोनों देशों के दशकों पुराने रिश्ते को ऊर्जा से भर दिया है।

भारत के सांस्कृतिक राष्ट्रवाद की अवधारणा को बल देते योगी

गत दिनों में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ उत्तराखंड के दौरे पर थे। यहां भी उनकी चिरपरिचित कर्मयोगी की कार्यशैली दिखाई दी।

‘विवेकानंद का संदेश आधुनिक मानवता का संदेश था’

विश्व धर्म महासभा की सफलता के बाद जब स्वामी जी के चित्र तिलक जी ने समाचार पत्रों में देखे तो उनको याद आया कि यह वही संन्यासी हैं, जिन्होंने उनके घर पर कुछ दिन तक निवास किया था।

पद्म सम्मानों को भ्रष्ट कांग्रेसी संस्कृति से मुक्त करने में कामयाब रही मोदी सरकार

मोदी सरकार सीधे आम आदमी से जुड़कर उसकी बेहतरी के लिए काम कर रही है। इस सरकार में बिचौलियों, दलालों, लाबिइस्टों की कोई जगह नहीं है।

योगी राज में तकनीकी की नींव पर खड़ा होता नया उत्तर प्रदेश

खुद मुख्यमंत्री योगी चाहते हैं कि अधिक से अधिक लेटेस्ट तकनीक के उपयोग पर जोर दिया जाए जिससे यूपी की पूरी व्यवस्था पारदर्शी और भ्रष्टाचार मुक्त बन सके।

भारतीय स्वाधीनता संग्राम में स्वामी विवेकानंद की भूमिका

स्वामी विवेकानंद मात्र 39 वर्ष 5 महीने और 24 दिन के जीवन में ही अगर उन्हीं के शब्दों में कहूँ तो 1500 वर्ष का कार्य कर गए।

बाकियों ने केवल राजनीति की, बाबा साहब के विचारों पर अमल मोदी सरकार ने किया है!

बाबा साहब की प्रतिष्ठा में सर्वाधिक कार्य वर्तमान केंद्र सरकार ने किए हैं। इसमें उनके जीवन से संबंधित स्थलों का भव्य निर्माण भी शामिल है।