नजरिया

जब स्वामी विवेकानंद ने कहा था, “लोगों की मदद के लिए मठ की ज़मीन भी बेच देंगे”

जब स्वामी विवेकानंद के गुरुभाई ने उनसे पैसे के स्रोत के बारे में पूछा तो स्वामी जी ने कहा, “क्यों, यदि आवश्यक हो, तो हम नए खरीदे गए मठ मैदानों को बेच देंगे।”

अंबेडकर के विचारों को सही मायने और संदर्भों में आत्मसात करना ज़रूरी

बाबा साहेब डॉ भीमराव अंबेडकर अपने अधिकांश समकालीन राजनीतिज्ञों की तुलना में राजनीति के खुरदुरे यथार्थ की ठोस एवं बेहतर  समझ रखते थे।

एक दलित नेता से ज्यादा राष्ट्र निर्माता हैं डॉ अंबेडकर

आज के दिन 14 अप्रैल 1891 को बाबा साहब डॉ भीमराव अंबेडकर का जन्म हुआ।  बाबा साहब ने अपने उच्च आदर्शों के सामने कभी भी अपनी विशिष्ट छवि की चिंता नहीं की।

देश की युवा-शक्ति के विषय में गुरूजी गोलवलकर के विचार

गुरूजी युवाओं द्वारा पूछे गए अनेक महत्वपूर्ण और सूक्ष्म प्रश्नों का बहुत ही सरलता से जवाब देते हुए अनेको बार उनका मार्ग प्रशस्त किया करते थे ।

भाजपा : एक विचार की विजय यात्रा

1980 में भारतीय जनता पार्टी की स्थापना हुई और इसका प्रथम अधिवेशन मुम्बई में आयोजित किया गया। इस अधिवेशन में पार्टी के अध्यक्ष के रूप में अटल बिहारी वाजपेयी का भाषण ऐतिहासिक था। इसमें उन्होंने जो भविष्यवाणी की थी, वो आज सत्य सिद्ध हो चुकी है।

देश की राजनीति की दिशा तय करेंगे पांच राज्यों के चुनाव

वर्तमान परिस्थितियों में इन राज्यों के चुनाव परिणाम ना सिर्फ इन राजनैतिक दलों का भविष्य तय करेंगे बल्कि काफी हद तक देश की राजनीति का भी भविष्य तय करेंगे।

बंगाल में विचारधारा को तिलांजलि दे तीसरे-चौथे स्थान की लड़ाई लड़ रहे कांग्रेस और वाम दल

केरल में जहां कांग्रेस-वाममोर्चा एक दूसरे के खिलाफ चुनाव लड़ रहे हैं वहीं बंगाल में दोनों साथ मिलकर चुनाव मैदान में हैं और सरकार बनाने के सपने देख रहे हैं।

प्रधानमंत्री मोदी की बांग्लादेश यात्रा को चुनाव से जोड़ना अनुचित परिपाटी

यदि प्रधानमंत्री इस बांग्लादेश दौरे के दौरान भारतीय दृष्टिकोण से महत्त्वपूर्ण किसी धार्मिक केंद्र या श्रद्धास्थल पर गए हैं तो ऐसा पहली बार तो नहीं हुआ है? क्या वे 2015 में ढाकेश्वरी देवी के मंदिर नहीं गए थे? तब तो कोई चुनाव नहीं था?

मोदी सरकार के प्रयासों से भ्रष्टाचार मुक्त होने की ओर बढ़ता भारत

भ्रष्टाचार के कम होने से भारत में विकास को रफ्तार मिल रहा है। साथ ही, लोगों का सुशासन पर विश्वास भी बढ़ रहा है, जिसकी बानगी सतर्कता आयोग को किये जाने वाले शिकायतों की संख्या में कमी आना है।

पश्चिम बंगाल : सुशासन की अवधारणा को साकार करने वाला है भाजपा का संकल्प पत्र

बंगाल चुनाव की बेला में अब राजनीतिक दल अपना घोषणा-पत्र लेकर आ गए हैं। पहले टीमएसी ने अपना चुनावी घोषणा-पत्र जारी किया और उसके कुछ ही दिनों बाद भाजपा ने भी अपना संकल्प पत्र जारी कर दिया है