कोरोना

आम जनमानस के सपनों के पंख को परवाज देती मोदी सरकार

आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने मूल मंत्र ‘सबका साथ सबका विकास’ के माध्यम से विकास के सर्वसमावेशी मॉडल को लेकर आगे बढ़ रहें हैं।

लोगों को खाद्य व पोषण सुरक्षा देना योगी सरकार की वापसी का महत्वपूर्ण कारण है

कह सकते हैं कि योगी सरकार की शानदार वापसी में अन्‍य कारणों के साथ-साथ भ्रष्‍टाचार मुक्‍त राशन वितरण की महत्‍वपूर्ण भूमिका रही है।

वैश्विक स्तर पर मजबूत होती भारतीय अर्थव्यवस्था

कोरोना महामारी की वजह से अनेक देशों की अर्थव्यवस्था तहस-नहस हो गई है, लेकिन भारत में सरकार की समीचीन नीतियों और आमजन में बढ़ती जागरूकता की वजह से भारतीय अर्थव्यवस्था तेज गति से आगे बढ़ रही है।

टीकाकरण का एक वर्ष : मोदी सरकार की मजबूत संकल्प शक्ति से ही पूरा हुआ असंभव जैसा लक्ष्‍य

देश में 16 जनवरी 2021 को टीकाकरण कार्यक्रम की शुरूआत हुई थी। पिछले एक वर्ष के दौरान टीके की करीब 156.76 करोड़ खुराकें दी गई हैं।

जीएसटी संग्रह में लगातार वृद्धि के निहितार्थ

जीएसटी संग्रहण में सीजीएसटी का हिस्सा 23,978 करोड़ रुपए रहा, आईजीएसटी का हिस्सा 66,815 करोड़ रूपये और राज्यों का हिस्सा यानी एसजीएसटी 31,127 करोड़ रुपए रहा।

सौ करोड़ टीकाकरण की गौरवशाली उपलब्धि पर भी नकारात्मक राजनीति में जुटा विपक्ष

देश में कोरोना संक्रमण के मद्देनजर चल रहे टीकाकरण अभियान के अन्तर्गत 21 अक्टूबर को कुल सौ करोड़ डोज लगाए जाने का लक्ष्य हासिल किया गया।

आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन : मोदी सरकार बनाने जा रही रोगियों की अनूठी स्वास्थ्य कुंडली

स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के प्रत्येक नागरिक की अनूठी स्वास्थ्य कुंडली (यूनिक हेल्थ आईडी) बनाने की शुरूआत कर दी है।

सुधार की राह पर आगे बढ़ती अर्थव्यवस्था

अर्थव्यवस्था में सुधार आने की वजह से लाखों की संख्या में नये खुदरा निवेशक हाल ही में शेयर बाजार से जुड़े हैं। बीएसई  शेयर सूचकांक 60,000 अंकों के स्तर को पार कर चुका है

पहली तिमाही में जीडीपी में हुई रिकॉर्ड वृद्धि अर्थव्यवस्था की गतिशीलता को ही दर्शाती है

वित्त वर्ष 2021-22 की पहली तिमाही में जीडीपी में 20.1 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। तिमाही आधार पर भी पिछले वर्ष की दिसंबर तिमाही से जीडीपी में लगातार वृद्धि होना विकास में तेजी आने का द्योतक है।

कथित ‘केरल मॉडल’ पर लहालोट होने वाले केरल में बढ़ते कोरोना मामलों पर मुंह में दही जमा चुके हैं!

इसके पीछे केरल सरकार द्वारा कोरोना को हल्के में लिया जाना ही कारण है जिसने पूरे देश की चिंता बढ़ा दी है, क्‍योंकि यहां से यदि अन्‍य राज्‍यों में संक्रमण फैला तो स्थितियां कठिन हो जाएंगी।