मोदी

कथित ‘केरल मॉडल’ पर लहालोट होने वाले केरल में बढ़ते कोरोना मामलों पर मुंह में दही जमा चुके हैं!

इसके पीछे केरल सरकार द्वारा कोरोना को हल्के में लिया जाना ही कारण है जिसने पूरे देश की चिंता बढ़ा दी है, क्‍योंकि यहां से यदि अन्‍य राज्‍यों में संक्रमण फैला तो स्थितियां कठिन हो जाएंगी।

मॉनसून सत्र : व्यर्थ हंगामा करके संसद को बाधित करने की संकीर्ण राजनीति से बाज आए विपक्ष

मॉनसून सत्र को एक सप्ताह से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन इस दौरान शायद ही कोई दिन ऐसा बीता हो जब विपक्षी सांसदों के हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही स्थगित न करनी पड़ी हो।

यूपी : उपलब्धियों के आधार पर आशीर्वाद की आकांक्षा

तथ्यों से स्पष्ट है कि उत्तर प्रदेश की योगी सरकार राज्य के विकास और चाक-चौबंद कानून व्यवस्था के लिए प्रतिबद्धतापूर्वक काम कर रही है।

कोरोना महामारी पर काबू पाने में कामयाब होती दिख रही मोदी सरकार

12 जुलाई 2021 को कोरोना महामारी से ठीक होने वालों की कुल संख्‍या 3 करोड़ के आंकड़े को पार कर गई। यह लगातार 34वां दिन रहा जब भारत में कोरोना वायरस के एक लाख से कम नए मामले सामने आए।

बहुत तेजी से चल रहा टीकाकरण अभियान, अंधविरोध से बाज आए विपक्ष

टीकाकरण अभियान अब महाअभियान का रूप ले चुका है। इसकी सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह कागजों पर नहीं वरन ठोस धरातल पर साफ दिखाई दे रहा है।

कांग्रेस शासित राज्यों में वैक्सीन के कुप्रबंधन पर खामोश क्यों हैं राहुल गांधी?

जहां तक केंद्र सरकार के रूख की बात है, वो बेकार की राजनीति में पड़े बिना कोरोना की रोकथाम और टीकाकरण में लगी हुई है।

भाजपा विरोधी अभियान में बदला कथित किसान आंदोलन

किसान आंदोलन अब राजनीतिक विरोध में तब्‍दील हो चुका है। यही कारण है कि आम किसान इस आंदोलन से दूरी बनाने लगे हैं।

मोदी 2.0 : चुनौतियों को अवसर में तब्दील करने वाले दो वर्ष

मोदी ने सूझबूझ का परिचय देते हुए तीन महीने का सख्‍त लॉकडाउन लगाया एवं बाद में अनलॉक जैसे उपायों को ढील के साथ श्रृंखलाबद्ध रूप से लागू किया।

संकटकाल में भी अपनी नकारात्मक राजनीति से बाज नहीं आ रहा विपक्ष

कांग्रेस के पूर्व अध्‍यक्ष राहुल गांधी जितनी तेजी से रोज केंद्र सरकार के खिलाफ श्रृंखलाबद्ध रूप से ट्वीट करते हैं, उतनी तेजी व गंभीरता उन्होंने कांग्रेस शासित राज्यों में बिगड़ते हालातों को सुधारने के लिए कभी नहीं दिखाई।

भारतीय चेतना में निहित है पृथ्वी की रक्षा का वास्तविक मार्ग

भारत हाल ही में बीते पृथ्वी दिवस पर पूरी पृथ्वी की चिंता करने वाले जिम्मेदार भागीदार के रूप में प्रतिष्ठित हुआ है। इस देश ने त्याग और सेवा को सदैव प्रतिष्ठा दी है।