नजरिया

मुक्‍त व्‍यापार को भारतीय हितों के अनुकूल ढाल रही है मोदी सरकार

मोदी सरकार मुक्‍त व्‍यापार नीतियों को इस तरह तर्कसंगत बना रही है ताकि वे भारतीय अर्थव्‍यवस्‍था के लिए फायदे का सौदा बनें।

ये तथ्य बताते हैं कि जलवायु परिवर्तन के संकट के विरुद्ध विश्व का नेतृत्व भारत ही कर सकता है

जलवायु परिवर्तन के विरुद्ध लड़ाई में भारत ने पूरे विश्व को दिखा दिया है कि एमिशन के स्तर को कम करने के लिए किस प्रकार आगे बढ़ा जा  सकता है।

हिंदुत्व सह-अस्तित्ववाद की भावना पर आधारित है, यह कभी कट्टर हो ही नहीं सकता

हिंदुत्व का दर्शन ही सह-अस्तित्ववादिता पर केंद्रित है। जबकि उदार समझा जाने वाला पश्चिमी जगत प्रगति के तमाम दावों के बावजूद केवल सहिष्णुता तक पहुँच सका है।

एकनाथ रानडे : जो प्रत्येक व्यक्ति में भारतीयता के भाव को जागृत करना चाहते थे

एकनाथ जी रानडे कहते हैं कि – ”यदि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ मेरे जीवन में न आता, तो मेरा जीवन दिशाहीन ऊर्जा का प्रवाह मात्र बनकर रह जाता।“

महारानी लक्ष्मीबाई : क्रांति की अग्निशिखा

रानी साहिब ने युद्ध से पूर्व अपने सैनिकों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा- ‘‘हे वीर सैनिकों! हम दुश्मन से भले ही सैन्य बल में कम हैं, परन्तु हमारा आत्मबल उनसे कोई गुणा अधिक है।

युवाओं के लिए प्रेरणा का माध्यम बनेगी स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा

स्वामी विवेकानंद की जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में प्रतिमा के होने का मतलब है इस विश्वविद्यालय के हर छात्र का भारतीयता के रंग में रंग जाना,

बिहार चुनाव ने सिद्ध किया कि देशहित की राजनीति को ही मिलेगा जनसमर्थन

बिहार चुनाव के परिणामों ने एक बार फिर सिद्ध किया है कि देश की राजनीति राजनेताओं के वोट कबाड़ने वाले हथकंडों से उबरने का प्रयत्न कर रही है।

जेएनयू में नए युग का आगाज

उम्मीद जगती है कि अब जेएनयू में आयातित वामपंथी विचारधारा का वर्चस्व कम होगा तथा भारतीयता के विचारों को प्रोत्साहन मिलेगा।

मोदी सरकार की नीतियों पर जनता की मुहर हैं चुनावी नतीजे

बिहार के साथ-साथ इन उपचुनावों के नतीजों को नरेंद्र मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल के पहले साल की नीतियों, उपलब्‍धियों पर जनमत संग्रह के तौर पर देखा जा रहा है।

बिहार चुनाव : जातीय समीकरणों को नहीं, विकास और सुशासन की राजनीति को मिला जनादेश

बिहार में मंगलवार की सुबह में स्थिति अलग दिख रही थी, लेकिन दोपहर होते-होते गेंद ने अपना पाला बदल लिया और अंततः राजग को 125 सीटों के साथ पूर्ण बहुमत प्राप्त हुआ।