नरेंद्र मोदी

कोरोना संकट : ममता की नफरत की राजनीति में पिसता बंगाल

ममता ने केंद्र के प्रति अपनी नफरत की राजनीति को ऐसे संवेदनशील दौर में भी भुनाना जारी रखा है और इसका सबसे अधिक नुकसान बंगाल की जनता का ही हो रहा है।

नागरिकता संशोधन क़ानून : अफवाहों के जरिए खोई हुई राजनीतिक जमीन तलाशते विपक्षी दल

दिल्‍ली के रामलीला मैदान की रैली वैसे तो दिल्‍ली की 1731 अनधिकृत कालोनियों के 40 लाख निवासियों को मालिकाना हक देने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्‍यवाद देने हेतु आयोजित की गई थी लेकिन इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने विरोधियों की जमकर खबर ली। उन्‍होंने कहा तुष्‍टीकरण और वोट बैंक की राजनीति करने वाले अफवाहों के जरिए अपनी खोई हुई राजनीतिक

वो पांच बातें जो बताती हैं कि नरेंद्र मोदी क्यों हैं देश के सबसे लोकप्रिय नेता

आज देश के लोकप्रिय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जन्मदिन है। मोदी के प्रधानमंत्रित्व ने चार वर्षों से अधिक का समय पूरा कर लिया है और अब अगले लोकसभा चुनाव की दुन्दुभी भी सुनाई देने लगी है। एक कार्यकाल पूरा करने के बाद प्रायः नेताओं की लोकप्रियता में कमोबेश गिरावट आ ही जाती है, लेकिन नरेंद्र मोदी इस मामले में अबतक अपवाद साबित होते नजर आ रहे हैं।

मोदी सरकार के प्रयासों से तैयार हो रहा ग्रामीण कृषि बाजारों का नेटवर्क

हमारे देश में खेती-किसानी की बदहाली की एक बड़ी वजह अविकसित कृषि बाजार की रही है। रिजर्व बैंक कई बार कह चुका है कि कृषि बाजार की प्रभावी उपस्‍थिति ग्रामीण विकास और गरीबी उन्‍मूलन का सशक्‍त हथियार है। इसके बावजूद जाति व धर्म की राजनीति करने वाली सरकारों ने इस ओर कभी ध्‍यान ही नहीं दिया। नई आर्थिक नीतियों के दौर में देश में गठबंधन सरकारों

राष्ट्रीय कार्यकारिणी: 2019 में भाजपा की जीत के प्रति अमित शाह के आत्मविश्वास की वजह क्या है?

भारतीय जनता पार्टी की दो दिनों तक चली राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में कई ऐसी बातें सामने निकल कर आईं जो आगामी लोकसभा तथा विधानसभा चुनाव के लिए काफी महत्वपूर्ण मानी जा रहीं हैं। गौरतलब है कि यह बैठक 18 और 19 अगस्त को प्रस्तावित थी, किन्तु अटल जी के निधन के पश्चात् इसे टाल दिया गया था। दिल्ली के अम्बेडकर इन्टरनेशनल सेंटर में आठ तथा नौ

आर्थिक मजबूती, पारदर्शी शासन और कल्याणकारी नीतियों के चार वर्ष!

विगत चार सालों में मोदी सरकार ने अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने के लिये अनेक कदम उठाये हैं। देखा जाये तो मोदी सरकार द्वारा किये गये विकासात्मक कार्यों की एक लंबी फेहरिस्त है। नवंबर, 2016 में विमुद्रीकरण करने का निर्णय लेना मोदी सरकार द्वारा उठाया गया एक साहसिक कदम था। इस निर्णय से नकसलवाद, आतंकवाद, कालेधन एवं कर चोरी पर रोक तो लगी ही,

सुरक्षा, विकास और राष्ट्रीय गौरव के चार वर्ष !

केंद्र में भाजपा की सरकार के चार वर्ष पूरे हो गए हैं। भाजपा ने यह मुकाम पूर्ण एवं प्रचंड बहुमत से हासिल किया था। दूसरे अर्थों में इसे ऐसे भी कहा जा सकता है कि जनता की पूरे मन से भाजपा को ही सत्‍ता में लाने की उत्‍कट कामना थी, जो नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के रूप में परिणित हुई। आज चार वर्षों बाद भाजपा ने उन सारे मतदाताओं का धन्‍यवाद अपनी उपलब्धियों एवं कार्यों के ज़रिये कर दिया है जिन्‍होंने पूरे

भारत सहित दुनिया भर में मोदी की बढ़ती लोकप्रियता का क्या है कारण !

भारत में तो इस समय निर्विवाद रूप से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सर्वाधिक लोकप्रिय नेता हैं, परन्तु अब यह सिर्फ भारत की बात नहीं रह गयी है। मोदी की लोकप्रियता का फलक दिन-प्रतिदिन विस्तृत से अति-विस्तृत होता जा रहा है। अभी बीते दिनों आए प्यू इंटरनेशनल के सर्वेक्षण में यह स्पष्ट हुआ था कि देश में मोदी की लोकप्रियता में वृद्धि हुई है, अब गैलप इंटरनेशनल नामक एक अंतर्राष्ट्रीय संस्था के सर्वेक्षण में यह सामने आया

मोदी लम्बे समय से जो कहते रहे हैं, ट्रंप ने अब उसे समझा है !

अमेरिका ने लंबी अवधि के बाद अपनी पाकिस्तान नीति में अपरिहार्य बदलाव किया है। राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रम्प ने इसका प्रारंभिक सन्देश भी दे दिया है। फिलहाल उसको मिलने वाली एक लाख छह हजार अट्ठाइस करोड़ रुपये की सहायता पर रोक लगा दी गई है। ट्रम्प ने कहा भी है कि आतंकवाद के खिलाफ निर्णायक कार्यवाई के बाद ही उसे सहायता बहाली संभव होगी। ट्रंप ने यह कार्रवाई अपने ट्वीट के बाद की है, जिसमें

प्यू सर्वे : अब तक के शासन में लगातार बढ़ी है मोदी की लोकप्रियता !

अमेरिकी थिंक टैंक ‘प्यू’ (PEW) ग्लोबल रिसर्च ने हाल ही में अपनी एक रिपोर्ट में भारत में स्थापित भाजपा-शासित केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर कुछ नए और दिलचस्प आँकड़े सामने रखे हैं। रिपोर्ट के अनुसार 85 प्रतिशत भारतीयों को अपनी सरकार पर पूरा भरोसा है और 79 प्रतिशत भारतीय वर्तमान समय मे भारतीय लोकतंत्र से संतुष्ट हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि 2015 के बाद यानी कि मोदी सरकार के केंद्र