नरेंद्र मोदी

राम मंदिर हमें भान कराता रहेगा कि सत्य को कितना भी दबाया जाए, वो असत्य को मिटा ही देता है

राम देश के राष्ट्र पुरुष हैं। जाहिर है उनका मंदिर राष्ट्र मंदिर होगा जो देश में समरसता, आस्था, मर्यादा का भाव जागृत करता रहेगा।

रामजन्मभूमि आंदोलन : सेक्युलरिज्म के छद्म आवरण के खिलाफ प्रतिवाद का प्रथम स्वर

सेक्युलरिज्म के ‘छद्म’ आवरण के खिलाफ प्रतिवाद के पहले और मुखर स्वर के रूप में अगर किसी आंदोलन का महत्व दिखता है‚ तो वह राम जन्मभूमि आंदोलन है।

‘यह युग प्रभु श्रीराम के आदर्शों के अनुरूप नए भारत के निर्माण का है’

5 अगस्‍त, 2020 को भूमिपूजन/शिलान्‍यास न केवल मंदिर का है, वरन एक नए युग का भी है। यह नया युग प्रभु श्रीराम के आदर्शों के अनुरूप नए भारत के निर्माण का है।

राजस्थान : कांग्रेस की आपसी कलह का भांडा भाजपा के सिर क्यों फोड़ा जा रहा ?

कांग्रेस की इस स्थिति के लिए पूरी तरह से कांग्रेस ही ज़िम्मेदार है, तिसपर पार्टी के बहुत से लोगों को अब भी गाँधी परिवार के परे कुछ भी दिखाई नहीं दे रहा।

‘आपातकाल के विरोध में उठा हर स्वर वंदन का अधिकारी है’

आपातकाल के दौरान मैं बक्सर व आरा की जेल में बंद रहा था। वो संघर्ष और यातना का दौर था। उस समय मेरे जैसे लाखों युवा देश की विभिन्न जेलों में बंद थे।

अब जल शक्ति घर लौटे कामगारों का बनेगा आधार

इससे राज्‍यों की पेय जल की समस्‍या का हल भी निकाला जा सकेगा, साथ ही घर वापस गए कामगारों को रोजगार भी दिया जा सकेगा।

कोरोना संकट : ममता की नफरत की राजनीति में पिसता बंगाल

ममता ने केंद्र के प्रति अपनी नफरत की राजनीति को ऐसे संवेदनशील दौर में भी भुनाना जारी रखा है और इसका सबसे अधिक नुकसान बंगाल की जनता का ही हो रहा है।

नागरिकता संशोधन क़ानून : अफवाहों के जरिए खोई हुई राजनीतिक जमीन तलाशते विपक्षी दल

दिल्‍ली के रामलीला मैदान की रैली वैसे तो दिल्‍ली की 1731 अनधिकृत कालोनियों के 40 लाख निवासियों को मालिकाना हक देने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्‍यवाद देने हेतु आयोजित की गई थी लेकिन इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने विरोधियों की जमकर खबर ली। उन्‍होंने कहा तुष्‍टीकरण और वोट बैंक की राजनीति करने वाले अफवाहों के जरिए अपनी खोई हुई राजनीतिक

वो पांच बातें जो बताती हैं कि नरेंद्र मोदी क्यों हैं देश के सबसे लोकप्रिय नेता

आज देश के लोकप्रिय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जन्मदिन है। मोदी के प्रधानमंत्रित्व ने चार वर्षों से अधिक का समय पूरा कर लिया है और अब अगले लोकसभा चुनाव की दुन्दुभी भी सुनाई देने लगी है। एक कार्यकाल पूरा करने के बाद प्रायः नेताओं की लोकप्रियता में कमोबेश गिरावट आ ही जाती है, लेकिन नरेंद्र मोदी इस मामले में अबतक अपवाद साबित होते नजर आ रहे हैं।

मोदी सरकार के प्रयासों से तैयार हो रहा ग्रामीण कृषि बाजारों का नेटवर्क

हमारे देश में खेती-किसानी की बदहाली की एक बड़ी वजह अविकसित कृषि बाजार की रही है। रिजर्व बैंक कई बार कह चुका है कि कृषि बाजार की प्रभावी उपस्‍थिति ग्रामीण विकास और गरीबी उन्‍मूलन का सशक्‍त हथियार है। इसके बावजूद जाति व धर्म की राजनीति करने वाली सरकारों ने इस ओर कभी ध्‍यान ही नहीं दिया। नई आर्थिक नीतियों के दौर में देश में गठबंधन सरकारों