जीडीपी

मोदी सरकार के साहसिक क़दमों से बदल रही देश के अर्थतंत्र की तस्वीर

महाभारत के शांतिपर्व में एक श्लोक है- स्वं प्रियं तु परित्यज्य यद् यल्लोकहितं भवेत्, अर्थात राजा को अपने प्रिय लगने वाले कार्य की बजाय वही कार्य करना चाहिए जिसमे सबका हित हो। केंद्र की मोदी सरकार के गत साढ़े चार वर्ष के कार्यों का मूल्यांकन करते समय महाभारत में उद्धृत यह श्लोक और इसका भावार्थ स्वाभाविक रूप से जेहन में आता हैl दरअसल

आईएमएफ ने माना कि आगे भी चीन से तेज रहेगी भारतीय अर्थव्यवस्था की रफ़्तार!

अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) ने अपने हालिया वर्ल्ड इकॉनमिक आउटलुक में लिखा है कि वित्त वर्ष 2019 में भारत की जीडीपी वृद्धि दर 7.3 प्रतिशत और वित्त वर्ष 2020 में 7.4 प्रतिशत रहेगा, जबकि आईएमएफ ने वित्त वर्ष 2019 के लिये चीन के जीडीपी के 6.2 प्रतिशत की दर से आगे बढ़ने की बात कही है। वित्त वर्ष 2018 में भारतीय अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर 6.7

8.2 प्रतिशत की वृद्धि दर के साथ दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था बना भारत!

बीते दिनों प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत को 5,000 अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था की श्रेणी में ले जाने के लिये जब सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वार्षिक वृद्धि दर को दहाई अंकों में ले जाने की बात कही, तो लोगों को यह बात कोरी कल्पना लगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अनुसार देश में कारोबार करने की प्रक्रिया को सरल बनाने के लिये विगत 4 सालों में अनेक कदम उठाये

जीडीपी में निरंतर वृद्धि दिखाती है कि भारतीय अर्थव्यवस्था रफ़्तार पकड़ रही है !

सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के ताजा आंकड़े अर्थव्यवस्था को लेकर आश्वस्त करते हैं। केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक अक्तूबर से दिसंबर, 17 की तिमाही में जीडीपी वृद्धि दर बढ़ कर 7.2 प्रतिशत पहुंच गई, जो वित्त वर्ष, 17 की दूसरी तिमाही में 6.5% थी। यह वृद्धि पिछली 5 तिमाहियों में सबसे अधिक है। यही नहीं, ताजा आंकड़ों के साथ भारत ने जीडीपी की वृद्धि दर के मामले में चीन को भी पीछे

मोदी सरकार की नीतियों से विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर बढ़ता भारत !

मॉर्गन स्टेनली की ताजा रिपोर्ट के अनुसार भारतीय अर्थव्यवस्था में चक्रीय सुधार का दौर जारी है, जिसके  कारण सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि दर वर्ष 2017 के 6.4 प्रतिशत की तुलना में वित्त वर्ष 2018 में 7.5 प्रतिशत और वित्त वर्ष 2019 में 7.7 प्रतिशत पर पहुँच सकती है। रिपोर्ट के मुताबिक मोदी सरकार बैंकों के बैलेंस शीट को साफ-सुथरा करने की कोशिश कर रही है। नोटबंदी और जीएसटी जैसे महत्वपूर्ण फैसलों को

जीडीपी में वृद्धि से अर्थव्यवस्था पर सवाल उठा रहे विपक्ष के आरोपों की निकली हवा !

देश अर्थव्‍यवस्‍था के नए दौर से गुज़र रहा है। ऐसा समझें कि आर्थिक सुधारों के बाद देश में नई अर्थक्रांति का सूत्रपात हुआ है। नोटबंदी और जीएसटी जैसे बड़े आर्थिक सुधारों के बाद पूरे विश्‍व में भारत की साख भी बढ़ी है, रैंकिंग भी और अब वैश्विक परिदृश्‍य में भारत को एक मजबूत अर्थव्यवस्था वाले देश के रूप में देखा जा रहा है। पिछले दिनों मूडीज ने भारत की सॉवरेन रेटिंग भी बढ़ाई और ग्‍लोबल सॉल्‍युशन कंपनियों ने

नोटबंदी के बाद से लगातार मज़बूत हुई है भारतीय अर्थव्यवस्था

विमुद्रीकरण का अर्थव्यवस्था पर सकारात्मक असर पड़ने, कैड में बेहतरी आने, केंद्रीय बैंक द्वारा सुधारात्मक कदम उठाने, निर्यात में वृद्धि आने, डॉलर की तुलना में रूपये में मजबूती आने, जीडीपी के बेहतर होने के आसार और जीएसटी के लागू होने आदि से अर्थव्यवस्था में गुलाबीपन आने की संभावना बढ़ गई है। मौजूदा समय में लगातार मजबूत होती मोदी सरकार अर्थव्यवस्था के हर मोर्चे पर सकारात्मक निर्णय ले रही है, जिसके अपेक्षित परिणाम बहुत ही जल्द दृष्टिगोचर होंगे, ऐसे कयास लगाये जा सकते हैं।