राहुल गांधी

देश की साख से खेलते राहुल गांधी

पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी कमाल के नेता हैं। वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी सरकार की आलोचना के फेर में किस तरह देश की साख से खेल बैठते हैं।

हिंदू-हिंदुत्व की दुर्व्याख्या करने वाले समझ लें कि हिंदू देह है और हिंदुत्व उसकी आत्मा!

अपनी अस्मिता एवं सांस्कृतिक पहचान बनाए रखने के लिए हमारा जन्म से हिंदू होना ही पर्याप्त नहीं है उसमें हिंदुत्व की शौर्य-चेतना का दीप्त होना भी परमावश्यक है।

कांग्रेसी विधायक और सपा सांसद के बयानों से फिर उजागर हुई विपक्ष की महिला विरोधी सोच

पहले कर्नाटक के कांग्रेसी विधायक ने दुष्‍कर्म पर बेहद आपत्तिजनक बयान दिया, इसके बाद सपा सांसद शफीकुर रहमान बर्क ने युवतियों के लिए अनर्गल बात बोली।

भगवान राम को काल्पनिक बताने वाले हिंदू-हिंदुत्व की बात किस मुंह से कर रहे हैं ?

राहुल गांधी ने जिस ढंग से हिंदुत्व को हिंदू से अलग करके स्‍वयं की परिभाषा थोपने की जो कोशिश की है, वह विचित्र और भ्रामक है।

संसद में विपक्ष का शर्मनाक आचरण उसकी नाकामी और बौखलाहट को ही दर्शाता है

सरकार को घेरने के लिए विपक्ष के पास उचित मुद्दे नहीं हैं, इसलिए नाकामी और बौखलाहट में वो कभी शर्मनाक हंगामे से संसद को बाधित करते हैं तो कभी सड़क पर विरोध करने लगते हैं। 

कांग्रेस शासित राज्यों में वैक्सीन के कुप्रबंधन पर खामोश क्यों हैं राहुल गांधी?

जहां तक केंद्र सरकार के रूख की बात है, वो बेकार की राजनीति में पड़े बिना कोरोना की रोकथाम और टीकाकरण में लगी हुई है।

लगातार पराजय के बाद भी बदलाव को तैयार नहीं कांग्रेस

कई राज्‍यों में कांग्रेस की विपक्ष की हैसियत भी नहीं बची है। हाल ही में संपन्‍न हुए पांच राज्‍यों के चुनाव में दो और राज्‍यों में कांग्रेस का विपक्ष का ओहदा छिन गया।

संकटकाल में भी अपनी नकारात्मक राजनीति से बाज नहीं आ रहा विपक्ष

कांग्रेस के पूर्व अध्‍यक्ष राहुल गांधी जितनी तेजी से रोज केंद्र सरकार के खिलाफ श्रृंखलाबद्ध रूप से ट्वीट करते हैं, उतनी तेजी व गंभीरता उन्होंने कांग्रेस शासित राज्यों में बिगड़ते हालातों को सुधारने के लिए कभी नहीं दिखाई।

भारत के मामलों में अमेरिकी हस्तक्षेप की मांग कर राहुल गांधी ने बचकानेपन की सभी हदें पार कर दी हैं

भाजपा सरकार कोई बलात नहीं वरन भारी बहुमत से चुनकर आई हुई सरकार है। इस चुनी हुई सरकार के विरुद्ध राहुल का एक अन्य देश से अपील करना देश के लोकतंत्र और जनमत का अपमान तो है ही, शर्मनाक भी है।

कभी गोत्र बताकर तो कभी मंदिर जाकर खिसकती जमीन बचाने की कोशिश में जुटीं ममता

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी जो जय श्री राम के उद्घोष से नाराज हो जाती थीं, अब अपना गोत्र बताने लगी हैं।