डॉ दिलीप अग्निहोत्री

किसानों की आय दोगुनी करने की दिशा में बड़ा कदम है डेढ़ गुना समर्थन मूल्य !

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किसानों की आय दोगुनी करने का लक्ष्य तय किया था। इस दिशा में अनेक कदम उठाए गए थे, जिसके कारण चार साल को बेमिसाल माना जा रहा था। मोदी सरकार ने कृषि व्यवस्था को पटरी पर लाने की दिशा में  अनेक प्रयास किए। अब इस सूची में एक नई उपलब्धि जुड़ी है। किसानों को उनकी उपज की लागत का अब डेढ़ गुना समर्थन मूल्य दिया

सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय के बाद भी सुधरने को तैयार नहीं दिख रही आप !

दिल्ली पर सुप्रीम कोर्ट के निर्णय को आम आदमी पार्टी अपनी जीत बता रही है। वास्तविकता यह है कि जब तक अरविंद केजरीवाल दिल्ली की संवैधानिक स्थिति को स्वीकार नहीं करेंगे, वह विवाद को ही आमंत्रण देते रहेंगे। सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के तत्काल बाद उनकी सरकार ट्रांसफर विवाद लेकर सामने आ गयी। ये दिखाता है कि इन्हें काम करना ही नहीं है।

‘जीएसटी वही सरकार लागू कर सकती थी जो देशहित में यश-अपयश दोनों के लिए तैयार हो’

जीएसटी अब देश की एक सच्चाई है। कांग्रेस पार्टी अब इस पर लकीर पीटने का कार्य कर रही है। उसके द्वारा की जा रही नुक्ताचीनी से इतना तो साफ है कि वह कभी इसे लागू नहीं कर सकती थी। कांग्रेस इसे अपने शासन में इसे लागू नहीं कर सकी। यह शर्मिंदगी भी उसे परेशान कर रही है। इसे ‘गब्बर सिंह टैक्स’ बताना इसी मानसिकता को प्रदर्शित करता है।

आंबेडकर पञ्चतीर्थों से कबीर अकादमी तक सामाजिक सद्भावना का सन्देश

नरेंद्र मोदी द्वारा प्रतिष्ठित सद्भाव और समरसता केंद्रों में एक नया नाम जुड़ा। उन्होंने मगहर में कबीर अकादमी का शिलान्यास किया। नरेंद्र मोदी और योगी आदित्यनाथ दोनों कबीर वाणी समझते हैं, उनके विचारों को आज के संदर्भ से जोड़ कर इन्होंने अपनी बात रखी।

हर शर्मिंदगी से ऊपर उठ चुके हैं केजरीवाल !

दिल्ली को राहत मिली कि उसके मुख्यमंत्री नौ दिन के वातानुकूलित धरने के बाद सकुशल वापस आ गए। इतिहास में जिस प्रकार राजा जंग या शिकार के लिए जाया करते थे, वैसे ही अरविंद केजरीवाल धरने पर चले जाते हैं। उनके साथ धरने पर बैठे उपमुख्यमंत्री मनीष सिसौदिया और मंत्री सत्येद्र जैन अस्पताल में पहुंच गए थे। खैर, अरविंद केजरीवाल ने फजीहत होती देख

आजाद और सोज ने जो बोला है, कांग्रेस का असल चरित्र वही है !

कांग्रेस में मणिशंकर अय्यर, सलमान खुर्शीद, दिग्विजय सिंह, संजय निरुपम, संदीप दीक्षित की विरासत को आगे बढ़ाते हुए गुलाम नबी आजाद और सैफुद्दीन सोज ने भी अपने बयानों से सीमा पार के आतंकियों को खुश कर दिया। सोज ने कश्मीर की आजादी का राग आलापा है, तो आजाद ने अपने ही देश की सेना पर हमला बोला है।

भाजपा-पीडीपी के अपरिहार्य गठबंधन का अवसान

कभी-कभी खंडित जनादेश धुर विरोधियों को भी साथ आने पर विवश कर देता है। जम्मू-कश्मीर में भाजपा और पीडीपी का गठबंधन ऐसा ही था। दोनों ने विधानसभा चुनाव एकदूसरे के खिलाफ लड़ा था। लेकिन खंडित जनादेश में इनके पास गठबंधन से सरकार बनाने का एक मात्र विकल्प यही बचा था। इसे अपरिहार्य  गठबंधन कहा जा सकता था।

राजनिवास के सोफे पर लेटे हुए केजरीवाल की यह तस्वीर क्या कह रही है ?

भारतीय राजनीति में धरना बहुत प्रचलित शब्द है। महात्मा गांधी ने इसे अंग्रेजों के खिलाफ हथियार बनाया था। स्वतंत्रता के बाद भी अनेक परिवर्तनकारी धरने देखे गए। दिल्ली के मुख्यमंत्री को यह धरोहर समाजसेवी अन्ना हजारे से मिली। लेकिन, केजरीवाल इसे हर बार नए कलेवर में पेश करते हैं। अन्ना हजारे का धरना-अनशन केजरीवाल के हांथों में पहुंच कर नाटक की भांति लगने

‘प्रणब मुखर्जी और सर संघचालक मोहन भागवत के विचारों का मूल भाव एक जैसा है’

पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने नागपुर में  उदार व शाश्वत भारतीय चिंतन से प्रेरित विचार व्यक्त किये। इस चिन्तन के अभाव में उन लक्ष्यों को प्राप्त ही नहीं किया जा सकता, जिसका उल्लेख किया गया। उन्होंने पंथनिरपेक्षता, राष्ट्रवाद, बहुलतावादी समाज, सहिष्णुता जैसे शब्दों की चर्चा की। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ भी ऐसे ही समाज और राष्ट्र की आकांक्षा रखता है। इसी दिशा में उसके

इन तथ्यों के आईने में राहुल गांधी के आरोप उनके ‘मन का गुबार’ ही नजर आते हैं !

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को शिकायत है कि प्रधानमंत्री अपने मन की बात करते हैं, लेकिन दूसरे के मन की बात नहीं सुनते। इस आधार पर उन्होंने अपने को नरेंद्र मोदी से अलग दिखाने का प्रयास किया। कहा कि वह अपने मन की बात नहीं करते, लोगों के मन की बात सुनते हैं। ये बात अलग है कि इसके बाद राहुल मंदसौर रैली में अपने मन की जमकर बोले। नरेंद्र मोदी, अमित