सतीश सिंह

विश्व की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बना भारत

भारतीय अर्थव्यवस्था जिस दर से आगे बढ़ रही है, उसी रफ़्तार से आगे बढ़ते हुए वह ब्रिटेन को पछाड़कर दुनिया की पाँचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गई है।

आरबीआई द्वारा रेपो दर में वृद्धि से वस्तुओं के दामों में आएगी कमी

विश्व की लगभग सभी प्रमुख अर्थव्यवस्थाएं अपनी वृद्धि रफ्तार को दुरुस्त करने की को​शिश कर रही हैं, लेकिन भारत की अर्थव्यवस्था अन्य देशों की तुलना में ज्यादा मजबूत है। इसलिए, विशेष चिंता की जरूरत नहीं है।

वित्तीय धोखाधड़ी की घटनाओं को रोकने में कारगर सिद्ध होगा अकाउंट एग्रीगेटर

अकाउंट एग्रीगेटर व्यवस्था के विकसित होने से ग्राहकों की वित्तीय जानकारियों को जानना आसान हो सकेगा, जिससे वित्तीय संस्थानों को ऋण देने में आसानी होगी।

ये तथ्य बताते हैं कि मजबूती की ओर अग्रसर है भारतीय अर्थव्यवस्था

अर्थव्यवस्था के लिए भारतीय रिजर्व बैंक ने वित्त वर्ष 2023 के लिए अपने पहले वाले 7.2 प्रतिशत वृद्धि दर के अनुमान को बरकरार रखा है।

वोस्ट्रो खाता : रूपये में अंतर्राष्ट्रीय कारोबार की पहल से अर्थव्यवस्था में आएगी मजबूती

डॉलर दुनिया की सबसे मजबूत मुद्रा है, इसी कारण अंतर्राष्ट्रीय कारोबार डॉलर में हो रहा है, लेकिन नई व्यवस्था को अपनाने के बाद भारत रुपए में कारोबार कर सकेगा।

बेहतर होता बैंकों का प्रदर्शन, अर्थव्यवस्था के लिए अच्छा संकेत

बैंकों का सकल एनपीए और शुद्ध एनपीए महामारी के पहले के स्तर से बेहतर हुआ है। अब ऋण खाते फिसलकर एनपीए में कम तब्दील हो रहे हैं।

वैश्विक मंदी के दौर में भी विकास की राह पर आगे बढ़ता भारत

वर्तमान चुनौतीपूर्ण माहौल में भी भारतीय अर्थव्यवस्था पहले से मजबूत हुई है। देश में मई में खुदरा मुद्रास्फीति नरम होकर 7.04 प्रतिशत रही।

दहाई अंक की जीडीपी वृद्धि दर पाने की दिशा में अग्रसर भारतीय अर्थव्यवस्था

महामारी के बाद भी भारतीय अर्थव्यवस्था बहुत ही जल्द न सिर्फ रिकवरी करने में कामयाब रही, बल्कि दहाई अंक के जीडीपी आंकड़ा को छूने की दिशा में अग्रसर हो गई है।  

मजबूती से बढ़ रही भारतीय अर्थव्यवस्था, अप्रैल में मिला 88 लाख लोगों को रोजगार

भारतीय अर्थव्यवस्था अनेक आर्थिक मानकों पर अच्छा प्रदर्शन कर रही है, इसलिए अर्थव्यवस्था की आगे बढ़ने की गति बनी रहेगी और वह रुकेगी नहीं।

एचडीएफसी और एचडीएफसी बैंक के विलय से मजबूत होगी बैंकिंग प्रणाली

एक अनुमान के अनुसार एचडीएफसी के 30 प्रतिशत ग्राहकों के खाते ही एचडीएफसी बैंक में हैं, इसलिए मौजूदा ग्राहकों को अतिरिक्त उत्पाद बेचने की काफी गुंजाइश है।