सतीश सिंह

आर्थिक सुधारों को आकार देने वाले रहे हैं मोदी सरकार के सात साल

प्रधानमंत्री मोदी के सुधारात्मक प्रयासों और समय पर आमजन व कारोबारियों को राहत देने की वजह से सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के ताजे आंकड़े राहत देने वाले हैं।

पहली तिमाही में जीडीपी में हुई रिकॉर्ड वृद्धि अर्थव्यवस्था की गतिशीलता को ही दर्शाती है

वित्त वर्ष 2021-22 की पहली तिमाही में जीडीपी में 20.1 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। तिमाही आधार पर भी पिछले वर्ष की दिसंबर तिमाही से जीडीपी में लगातार वृद्धि होना विकास में तेजी आने का द्योतक है।

डीआईसीजीसी अधिनियम में संशोधन से संकटग्रस्त बैंकों के जमाकर्ताओं को मिलेगी राहत

इस अधिनियम में संशोधन के बाद कुल जमा खातों का 98.3 प्रतिशत और कुल जमा मूल्य का 50.9 प्रतिशत संशोधित बीमा कवर के दायरे में आ जायेगा।

स्वतंत्रता दिवस विशेष : भारत के स्वाभिमान, स्वतंत्रता, आकांक्षा तथा आदर्श का प्रतीक है तिरंगा!

18 जुलाई, 1947 को हमारे तिरंगा को एक मानक रुप प्रदान किया गया और भारत के राष्ट्रध्वज को 22 जुलाई 1947 को संविधान सभा ने स्वीकार किया था और 26 जनवरी 1950 को इसे राष्‍ट्रीय ध्‍वज के रूप में अंगीकार किया गया। 

ई-रुपी से वित्तीय जीवन होगा आसान

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2 अगस्त 2021 को ई-वाउचर आधारित डिजिटल भुगतान प्रणाली  ई-रुपी का आगाज किया। इससे डिजिटल भुगतान को बढ़ावा मिलने और भ्रष्टाचार पर लगाम लगने की उम्मीद है।

ये आंकड़े बताते हैं कि कोरोना संकट के बावजूद मजबूत स्थिति में है भारतीय अर्थव्यवस्था

सरकार द्वारा उठाये गये सुधारात्मक कदमों से अर्थव्यवस्था में तेजी दिख रही है जिसके आगामी महीनों में और भी बेहतर होने की उम्मीद है।

भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूती में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे वित्तीय संस्थान

सरकार की नीतियों के क्रियान्वयन में वित्तीय संस्थानों की सकारात्मक भूमिका की वजह से कोरोना काल में भी भारतीय अर्थव्यवस्था में तेजी से सुधार आ रहा है।

राहत पैकेज से मिलेगी अर्थव्यवस्था को मजबूती

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कोरोना महामारी से प्रभावित आमजन और कारोबारियों को राहत देने के लिए 28 जून को अनेक घोषणाएँ की, जिन्हें अमल में लाने में बैंकों की अहम् भूमिका होगी।

कोरोना के विरुद्ध मजबूती से लड़ रहा भारत

देश में कोरोना वायरस से लड़ने के लिए टीका जैसा हथियार अचानक से विकसित नहीं हो गया। इसे विकसित करने के लिए सरकार शुरू से ही योजनाबद्ध तरीके से काम कर रही थी।

कर संग्रह में वृद्धि और बेहतर मानसून से अर्थव्यवस्था होगी मजबूत

कोरोना की दूसरी लहर से अर्थव्यवस्था के प्रभावित होने के बावजूद चालू वित्त वर्ष में अब तक प्रत्यक्ष कर संग्रह पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि की तुलना में लगभग दोगुना रहा।