मोदी

मोदी सरकार के विपणन सुधारों से बेहतर हो रहे किसानों के हालात

मोदी सरकार चुनिंदा फसलों के बजाए विविधीकृत फसलों के उत्पादन के साथ-साथ उनके भंडारण, प्रसंस्करण, विपणन का देशव्यापी व्यवस्थित नेटवर्क बना रही है।

फसल विविधीकरण के जरिए खेती को खुशहाल बनाने में जुटी मोदी सरकार

मोदी सरकार 2014 से ही खेती-किसानी को परंपरागत फसल चक्र से बाहर निकाल फसल विविधीकरण की ओर बढ़ाने की दिशा में काम कर रही है।

देश की साख से खेलते राहुल गांधी

पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी कमाल के नेता हैं। वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी सरकार की आलोचना के फेर में किस तरह देश की साख से खेल बैठते हैं।

यूपी में होने जा रही ई-विधान की शुरुआत, विधानसभा के कामकाज में आएगी बेहतरी

21 मई को विधायकों को ई-विधान के उपयोग का प्रशिक्षण दिया जाएगा। नेशनल ई-विधान प्रोजेक्ट के तहत यह पूरा प्रोजेक्‍ट संचालित किया जा रहा है।

भारतीय चेतना में निहित है पृथ्वी की रक्षा का वास्तविक मार्ग

भारत हाल ही में बीते पृथ्वी दिवस पर पूरी पृथ्वी की चिंता करने वाले जिम्मेदार भागीदार के रूप में प्रतिष्ठित हुआ है। इस देश ने त्याग और सेवा को सदैव प्रतिष्ठा दी है।

मील का पत्थर साबित होगी मोदी सरकार द्वारा राष्ट्रीय भूमि मौद्रीकरण निगम की स्थापना

राष्ट्रीय भूमि मौद्रीकरण निगम की स्थापना का उद्देश्य यह है कि उपयोग में नहीं आ रही पूरी भूमि का लाभकारी उपयोग देश हित में किया जा सके।

महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्ध मोदी सरकार

बीते कुछ वर्षों से केन्द्र सरकार की तरफ से महिलाओं के हित में अनेक ऐसे कदम उठाए गए हैं, जिससे वे अपनी प्रगति का स्वर्णिम इतिहास रच सकें।

भाजपा : एक विचार की विजय यात्रा

1980 में भारतीय जनता पार्टी की स्थापना हुई और इसका प्रथम अधिवेशन मुम्बई में आयोजित किया गया। इस अधिवेशन में पार्टी के अध्यक्ष के रूप में अटल बिहारी वाजपेयी का भाषण ऐतिहासिक था। इसमें उन्होंने जो भविष्यवाणी की थी, वो आज सत्य सिद्ध हो चुकी है।

राष्ट्रीय नेता बनने का मोह छोड़ बंगाल की कानून व्यवस्था पर ध्यान दें ममता बनर्जी!

बंगाल का शासन ही ममता बनर्जी के राजनीतिक कद के निर्धारण की एकमात्र कसौटी है, जिसपर फिलहाल तो वे बुरी तरह से विफल नजर आ रही हैं।

कश्मीरी पण्डितों की पीड़ा पर अट्टहास केजरीवाल की अमानवीय राजनीति को ही दर्शाता है

जो केजरीवाल जे एन यू में भारत तेरे टुकड़े होंगे जैसे नारे लगाने वालों का समर्थन करते है, उनसे भारत की जनता इससे अलग की अपेक्षा भी क्या कर सकती है!