पाकिस्तान

फिर मार खाकर ही नापाक हरकतों से बाज आएगा पाकिस्तान !

नापाक पड़ोसी पाकिस्तान सीजफायर का निरंतर उल्लंघन कर रहा है। चीन और पाकिस्तान की कोशिश होगी कि भारत को उलझा कर रखा जाए। ये स्थिति गंभीर है। भारत को अपनी रणनीति में बदलाव करना होगा। पाकिस्तान को उसकी औकात दिखाने का वक्त है। भारत के आगे 1948, 1965, 1971 और कारगिल में घुटने टेक चुके पाकिस्तान को शायद फिर एकबार मार खाने की इच्छा जागृत हो रही है। उसे पिटने की भूख

पाकिस्तान से अलग होने को बेचैन बलूचिस्तान !

पाकिस्तान के बलूचिस्तान सूबे में पंजाबियों के कत्लेआम से पाकिस्तान सरकार हिल गई है। बीते दिनों वहां पर चार पंजाबियों की नृशंस हत्या की गई। बलूचिस्तचान में नौकरी या बिजनेस करने वाले पंजाबियों को बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी चुन-चुनकर मारने का कोई भी अवसर नहीं गंवाती। बलूचिस्तान को पाकिस्तान का क्षेत्रफल के लिहाज सबसे बड़ा सूबा माना जाता है। वहां पर गैस के अकूत भंडार हैं। पर, ये पाकिस्तान का

पाक उच्च सदन में पहुँची कृष्णा कुमारी की हालत जोगेंद्र नाथ मण्डल जैसी न हो जाए !

पाकिस्तान में कृष्णा कुमारी नाम की हिन्दू महिला का नेशनल एसेंबली के उच्च सदन के लिए चुना जाना और सन 1947 में मोहम्मद अली जिन्ना की कैबिनेट में जोगिन्दर नाथ मंडल को शामिल किए जाने को जोड़कर देखने की आवश्यकता है। पाकिस्तान के सिंध प्रांत में थार से आती हैं कृष्णा कुमारी। वो सिंध की सत्तारूढ़ पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) की सदस्य हैं। कहा जा रहा है कि कृष्णा कुमारी मुस्लिम देश में ‘पहली

विभाजन के बाद काफी समय भारत में रहने वाले भुट्टो पाकिस्तान जाकर कट्टर भारत विरोधी क्यों हो गए ?

पाकिस्तान के लिए चालू साल खास है, क्योंकि 2018 में वहां पर संसद के लिए चुनाव होने हैं। इस लिए चुनावी माहौल बन रहा है। इसी क्रम में वहां प्रमुख दल अपने-अपने तरीके से तैयारी कर रहे हैं। पाकिस्तान पीपल्स पार्टी (पीपीपी) की बात करें तो उसके शिखर नेता जुल्फिखार अली भुट्टो की एक जीवनी भी हाल ही में बाजार में आई है। इसका नाम है ‘बोर्न टू बी हैंगंड’ जिसकी काफी चर्चा हो रही है।

क्या कांग्रेसी नेताओं के पाकिस्तान प्रेम को कांग्रेसी शीर्ष नेतृत्व की शह मिली हुई है ?

चुनावों में लगातार शिकस्त खाने के बाद भी कांग्रेस की आदतें सुधरी नही हैं। कांग्रेस के कुछ नेता ऐसे हैं, जिन्होंने शायद ठान लिया है कि वह पार्टी की बची हुई साख का भी भट्टा बिठाकर ही मानेंगे। कांग्रेस नेता मणिशंकर अय्यर जब भी पाकिस्तान दौरे पर जाते हैं, उनका भारतीय प्रेम समाधि ले लेता है। पाकिस्तान की सरजमीं पर पैर रखते ही अय्यर की जुबान से उर्दू के ऐसे शब्द निकलने लगते है मानो वह उन्हीं का घर हो। जो

खुद अक्सर देशविरोधी बयान देने वाले अब्दुल्ला अपने विधायक को किस मुंह से समझाएंगे !

फारूक अब्दुल्ला की पार्टी नेशनल कांफ्रेंस के विधायक मोहम्मद अकबर लोन जम्मू-कश्मीर विधानसभा में 10 फरवरी को पाकिस्तान के समर्थन में नारे लगाते हैं। अब फारुक साहब कह रहे हैं कि “हमें ऐसे समय में नारेबाजी से बचना चाहिए जब पाकिस्तान हमारे लोगों पर निशाना साधने की कोशिश कर रहा है।” यानी अब्दुल्ला साहब के हिसाब से नारेबाजी गलत नहीं है, बस समय थोड़ा गलत है।

‘एक के बदले दस सिर’ लाने वाली बात पर मोदी एकदम खरे साबित हुए हैं !

गत वर्ष उड़ी हमले के बाद भारतीय जवानों ने जब सर्जिकल स्ट्राइक करके उसका बदला लिया था, तो देश में एक गजब के उत्साह और ऊर्जा का संचार हो उठा था। इसका कारण यह था कि तबसे पहले इस तरह की सैन्य कार्रवाई देश ने लम्बे समय से नहीं देखी थी। संप्रग सरकार के दस साल के कार्यकाल में देशवासियों ने सिर्फ पाकिस्तान द्वारा संघर्ष विराम के उल्लंघन से लेकर पाक-प्रेरित आतंकियों द्वारा हमलों के पश्चात् सत्तापक्ष

मोदी लम्बे समय से जो कहते रहे हैं, ट्रंप ने अब उसे समझा है !

अमेरिका ने लंबी अवधि के बाद अपनी पाकिस्तान नीति में अपरिहार्य बदलाव किया है। राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रम्प ने इसका प्रारंभिक सन्देश भी दे दिया है। फिलहाल उसको मिलने वाली एक लाख छह हजार अट्ठाइस करोड़ रुपये की सहायता पर रोक लगा दी गई है। ट्रम्प ने कहा भी है कि आतंकवाद के खिलाफ निर्णायक कार्यवाई के बाद ही उसे सहायता बहाली संभव होगी। ट्रंप ने यह कार्रवाई अपने ट्वीट के बाद की है, जिसमें

ट्रंप की चेतावनी को गंभीरता से ले पाकिस्तान, वर्ना भुगतना होगा भारी खामियाजा !

जब समूचा विश्व नए साल के जश्न में डूबा हुआ था, उसी वक्त अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पाकिस्तान को कड़ी फटकार लगाते हुए झूठा और कपटी देश बताया तथा अमेरिका द्वारा पाकिस्तान को दी जा रही वित्तीय सहायता के उपयोग पर गंभीर प्रश्न खड़े किये। अमेरिका के राष्ट्रपति ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि पाकिस्तान को जो मदद आतंक के खात्मे के लिए प्रदान की जा रही थी, उसे पाक आतंकियों की मदद में लगता रहा।

जाधव को रिहा करे पाकिस्तान, तो ही सुधरने की ओर बढ़ेंगे भारत-पाक संबंध!

पाकिस्तान की जेल में बंद पूर्व भारतीय नौसेना अधिकारी कुलभूषण जाधव की मां और पत्नी ने उनसे 30 मिनट के लिए मुलाकात की। जरा कल्पना कीजिए कि इन तीनों में जब मुलाकात हुई होगी तो वे पल कितने भावुक होंगे। तीनों एक लंबे अंतराल के बाद मिल रहे थे। हालांकि पाकिस्तान ने इस मुलाक़ात में भी अपनी नापाक हरकतें दिखा ही दीं। पाकिस्तान अपनी दुष्ट हरकतों से बाज आने का नाम ही नहीं ले रहा है।